जांच के दौरान खेल विभाग के डिप्टी डायरेक्टर एवं डीएसओ अरुणकांत एवं अन्य स्टाफ के भी बयान दर्ज किए गए थे। पुलिस ने स्टेडियम में भी जिम्नास्टिक सीखने वाली महिला खिलाड़ियों एवं उनके परिवार सदस्यों को बुलाकर बयान दर्ज किए थे। मगर, जांच में कोच के खिलाफ कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला था। प्राथमिक जांच में ही यह मामला फर्जी शिकायत का निकला जिसकी रिपोर्ट पुलिस ने एसपी एवं अधिकारियों को प्रेषित कर दी थी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार किए सुदर्शन ने
जिम्नास्टिक कोच सुदर्शन कौशल द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार किए गए थे। उनके द्वारा तैयार किए गए जिम्नास्टिक खिलाड़ी योगेश्वर दत्त ने अभी बीते वर्ष ही ऑस्ट्रेलिया में कॉमनवेल्थ खेल में हिस्सा लिया था। इसके अलावा कई अन्य खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी बदौलत पहुंचे। सुदर्शन प्रशिक्षण के साथ-साथ खिलाड़ियों की आर्थिक मदद भी करते थे ताकि उन्हें किसी किस्म की दिक्कत न आए।
मगर अज्ञात शिकायत होने के बाद वह अवसाद में थे और कुछ दिन से छुट्टी पर थे। वह अपने पीछे पत्नी, बेटा व बेटी छोड़ गए हैं। वह कैंट के प्रीत नगर में रहते थे, मगर मूलरूप से वह हिमाचल प्रदेश के ऊना से थे। वहीं पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
उधर, इस मामले में जिला जिम्नास्टिक एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र खन्ना ने कोच कौशल बेहद विनम्र एवं अच्छे स्वभाव के थे। कोच के खिलाफ जो झूठी शिकायत हुई, उसकी जांच होनी चाहिए ताकि ऐसी शिकायतें करने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सके।
कौशल के दिमाग में बैठ गई थी शिकायत
सुदर्शन कौशल जैसा ईमानदार एवं साफ दिल इंसान आज तक करियर में नहीं मिला। वह ड्यूटी को लेकर इतने पक्के थे कि भरी सर्दी में तड़के सेंटर आ जाते थे। वह रात्रि नौ या साढ़े नौ तक सो भी जाते थे। महिला ने शिकायत दी कि देर रात कोच कौशल उसे मैसेज करते थे जो कि सरासर झूठ है। एक अज्ञात शिकायत थी और डीएसपी को मैंने स्वयं सुदर्शन कौशल के पक्ष में बयान दिए थे, मगर उन्होंने यह शिकायत अपने दिमाग में बिठा ली। -अरुणकांत, डिप्टी डायरेक्टर एवं डीएसओ, अंबाला।
जांच झूठी साबित हुई थी, कोई सामने नहीं आया
हमारे पास मुख्यालय से शिकायत आई थी जिसके बाद मामले में जांच की गई। विभिन्न कोच एवं अधिकारियों के अलावा खिलाड़ियों के अभिभावकों से पूछताछ की गई। यह पूरी शिकायत फर्जी पाई गई जिसमें शिकायतकर्ता तक सामने नहीं आई। इसकी रिपोर्ट जांच के बाद मुख्यालय भेज दी गई थी। -अनिल गुर्जर, डीएसपी, अंबाला कैंट।