रविवार सुबह लगभग छह बजे वह सैर करने गए थे। परंतु कई घंटे के बाद भी नहीं लौटे। रामकुमार के बेटे गौरव ने बताया कि पिता के वापस नहीं आने से वह चिंतित थे। करीब साढ़े 10 बजे पिता के मोबाइल से उसकी बहन के मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि उन्होंने उनके पिता का अपहरण कर लिया है। उन्होंने रामकुमार को छोड़ने की एवज में 50 लाख रुपये व सोना देने की मांग की। साथ ही धमकी भी दी कि अगर इस बारे में पुलिस को बताया तो रामकुमार को जान से मार देंगे। परिजनों ने घबरा कर पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने सारी सड़क पर की छानबीन
फिरौती की सूचना मिलते ही पुलिस भी हरकत में आ गई। थाना बिलासपुर एसएचओ जगदीश चंद्र रामकुमार के घर पहुंचे। जहां परिजनों ने उनके बारे में सारी बात बताई। इसके बाद पुलिस हड़तौल मार्ग पर भी गई, क्योंकि इसी सड़क पर वह रोजाना सैर करने जाते थे। पुलिस ने सड़क पर लगे सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की। पुलिस की टीमों ने पड़ताल शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस के हाथ कोई पुख्ता सबूत नहीं लगा है।