पोता अपनी ही 65 साल की दादी का कातिल बन गया और एक पल में बच्चे के नामकरण की खुशियां मातम में बदल गईं। मामला हरियाणा के फतेहाबाद का है। मातुराम कालोनी में बेटे के नामकरण में नहीं आने पर पोते ने शुक्रवार रात दादी की खुरपी से गोदकर हत्या कर दी। पुलिस ने मृतका के पति की शिकायत पर बेटे-बहू और पोते के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करके बहू और पोते को गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के मुताबिक, मृतका की अपनी बहू से नहीं बनती थी, इसलिए परिवार में कलह चल रही थी।
पुलिस को दी शिकायत में मृतका के पति राम अवतार में बताया कि उसका बेटा जयकुमार अपनी पत्नी-बच्चों के साथ उनसे अलग रहता है। कुछ दिन पहले जयकुमार के बेटे विक्की की पत्नी ने बेटे को जन्म दिया। शुक्रवार को उनके घर में नामकरण समारोह था। पारिवारिक कलह के कारण उसकी पत्नी रामदेवी (65) ने समारोह में जाने से इनकार कर दिया। इस बात से नाराज उसका बेटा जयकुमार, उसकी पत्नी निर्मल और पोता विक्की शुक्रवार रात उनके घर आकर उलाहना देने लगे। इसी से बात आगे बढ़ गई और तीनों झगड़े पर उतारू हो गए।
राम अवतार का आरोप है कि इसी दौरान पोते विक्की ने एक कड़छीनुमा खुरपी उसकी पत्नी रामदेवी के गले के पास दे मारी। खुरपी लगने से मौके पर ही रामदेवी की मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी विक्की, जयकुमार और निर्मल मौके से भाग गए। परिजनों ने शोर मचाया तो आसपड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। शनिवार सुबह फोरेंसिक एक्सपर्ट ने डॉ. जोगिंदर की अगुवाई में मौके पर तथ्य जुटाए और शव की जांच की।
बेटे के नामकरण समारोह में न आने पर पोते ने दादी के गले पर वार करके उसकी हत्या कर दी। मृतका के पति की शिकायत पर पोते विक्की, उसके पिता जयकुमार, मां निर्मल के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। मां-बेटे को गिरफ्तार कर कार्रवाई की जा रही है।
- सुरेंद्र कंबोज, शहर थानाध्यक्ष, फतेहाबाद