राजपुरा के नजदीक पड़ते गांव सैदखेड़ी में नहरी विभाग के मुलाजिम ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के मुताबिक गांव के ही दो लोगों की धोखाधड़ी से परेशान होकर मुलाजिम ने यह कदम उठाया है। पुलिस ने मृतक के भाई के बयान पर दोनों आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया है, लेकिन अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
मृतक के भाई जगदीश सिंह ने बताया कि उसका भाई धर्मपाल सिंह (52) नहरी विभाग में मुलाजिम था। गांव के ही दो लोगों सुखविंदर सिंह, मंगा ने उसके भाई का 10 लाख 80 हजार रुपये का एक प्राइवेट बैंक से लोन कराके दिया था। जैसे ही पैसे धर्मपाल सिंह के खाते में पहुंचे, तो सुखविंदर सिंह और मंगा ने यह पैसे खाते में से निकलवा लिए। आरोपियों ने लोन कराने के दौरान धर्मपाल सिंह से खाली चेकों पर साइन करा लिए थे। इस धोखाधड़ी से परेशान धर्मपाल सिंह ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है, लेकिन अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।