एक ही नाम होने का फायदा उठाकर दोबारा नौकरी हासिल करने के आरोप में यूटी पुलिस ने पंजाब पुलिस के पूर्व कांस्टेबल को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
पंजाब पुलिस महानिदेशक कार्यालय की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सेक्टर-3 थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की है। पुलिस ने बताया कि पंजाब डीजीपी ऑफिस के एआईजी पर्सनल-2 की तरफ से शिकायत मिली थी कि सतनाम सिंह ने दूसरे कांस्टेबल के नाम का फायदा उठाकर झूठ बोला और नौकरी हासिल करने की कोशिश की।
आरोपी सतनाम सिंह पंजाब पुलिस में 15 अप्रैल 1992 को बतौर कांस्टेबल भर्ती हुआ था। इस दौरान ट्रेनिंग के लिए उसे कई बार भेजा गया लेकिन उसने ट्रेनिंग पूरी नहीं की। जिसकी जांच करने पर सतनाम सिंह को दोषी पाते हुए नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था।
सतनाम को सन 2000 में दोबारा पंजाब पुलिस में भर्ती किया गया। लेकिन वह फिर ड्यूटी से गायब रहने लगा। उसे एक बार फिर 2001 में बर्खास्त किया गया। इसके बाद निलंबित सतनाम सिंह ने 2013 में डीजीपी के पास दोबारा नौकरी पर रखने की अपील की।
इस अपील में सतनाम सिंह ने झूठ बोला कि उसने गुरदासपुर में एक एनकाउंटर के दौरान दो आतंकवादियों को बड़ी बहादुरी से मारा था। जबकि एनकाउंटर उसके पंजाब पुलिस में भर्ती होने से एक साल पहले 1991 में हुआ था। उस समय सतनाम सिंह नाम का दूसरा कांस्टेबल गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक पुलिस स्टेशन में तैनात था। जांच में पाया गया कि आरोपी सतनाम सिंह ने एक ही नाम होने का फायदा उठाकर दोबारा नौकरी पाने की कोशिश की।
एआईजी पर्सनल-2 की शिकायत पर सेक्टर 3 थाना पुलिस ने 2014 में ही आरोपी सतनाम सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी कर नौकरी हासिल करने का केस दर्ज किया था। तभी से आरोपी सतनाम सिंह फरार चल रहा था। पुलिस का कहना है कि वह बार बार अपना मोबाइल नंबर बदल कर पुलिस को चकमा दे रहा था।
आरोपी सतनाम सिंह गिरफ्तारी के वक्त अमृतसर की एक फैक्टरी में काम कर रहा था। वीरवार को आरोपी को कोर्ट में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।