जोर-जोर से चिल्लाने लगीं छात्राएं
जैसे ही कॉलेज में पढ़ने वालीं छात्राओं ने आंचल को जमीन पर खून से लथपथ देखा तो वह जोर-जोर से चिल्लाने लगीं। दशहत के कारण वह कुछ बोल भी नहीं पाईं। एक साथ छात्राओं के चिल्लाने से पूरे कॉलेज में अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद कॉलेज की अन्य छात्राएं और स्टाफ भी दौड़ कर बाहर आए।
इस हादसे के बारे में पता चलते ही आंचल की बड़ी बहन गांव करेहड़ा खुर्द निवासी विशाखा व उनका पति राजकुमार अस्पताल पहुंचे। देखते ही देखते परिजन व अन्य रिश्तेदार भी अस्पताल पहुंचने लगे। आंचल का एक भाई रेलवे में है जबकि छोटा भाई पढ़ाई कर रहा है। वहीं, इस हादसे ने कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।
कॉलेज की छत पर जाने वाले रास्तों को ऐसे खुला छोड़ना ही इस हादसे की वजह बना। थाना शहर यमुनानगर एसएचओ कमलजीत सिंह का कहना है कि छात्रा का बैग व चप्पल छत पर मिले हैं। फिलहाल उसका मोबाइल नहीं मिला है। मोबाइल से ही पता चलेगा कि छात्रा हादसे से पहले किसके साथ बात कर रही थी। फिलहाल परिवार ने कोई शिकायत नहीं दी है। परिजन जो शिकायत देंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।