एक सप्ताह पहले घर से भागकर धर्म परिवर्तन कर निकाह करने वाली युवती के मामले में सोमवार को नया मोड़ आ गया। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट जाते समय सेक्टर-21/22 के डिवाइडिंग रोड के पास कुछ लोग लड़की को जबरन कार में लेकर चले गए। युवक ने लड़की के परिजनों पर युवती को अगवा करने का आरोप लगाया है। हालांकि, पुलिस में शिकायत नहीं दी है।
उधर, लड़की के नहीं पहुंचने पर हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया। जानकारी के अनुसार, युवती के कार में जबरन ले जाने की सूचना पर चंडीगढ़ सेक्टर-19 थाना पुलिस ने युवती के साथ मौजूद युवक से पूछताछ की। जांच में सामने आया कि यमुनानगर निवासी युवक-युवती हाईकोर्ट में शादी को लेकर प्रोटेक्शन मांगने आए थे।
पुलिस का कहना है कि युवक ने मामले में शिकायत देने से इनकार कर दिया है। वहीं, शाम को चंडीगढ़ पुलिस हमीदा इलाके में गई भी लेकिन लड़की का सुराग नहीं लगा। बताया जा रहा है कि युवक ने हाईकोर्ट में नया केस डाला है। अपनी अर्जी में उसने कहा है कि मुझे और मेरी पत्नी की जान को खतरा है। मेरी पत्नी के परिजन उसे मार देंगे।
बता दें कि बीती दस जून को हमीदा इलाके से एक संगठन के कार्यकर्ता की 19 वर्षीय लड़की लापता हो गई थी। युवती के पिता ने समुदाय विशेष के युवक पर उसे अगवा करने व घर से नकदी एवं गहने चुराने का आरोप लगाया था।
पुलिस ने युवक व उसके कुछ साथियों पर केस दर्ज किया है। इसके बाद युवक ने दस जून को पिंजौर के एक मदरसे में युवती से निकाह कर लिया। परिजनों से जान का खतरा देख 12 जून को युवती के नाम से हाईकोर्ट में सुरक्षा के लिए याचिका दायर की गई। इसी अर्जी पर सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने 17 जून की तारीख दी थी।
अभी तक लड़की का कोई पता नहीं चला है। पुलिस की टीमें उसे तलाश रही हैं। चंडीगढ़ से उसे छुड़वाया गया, इस बारे में कोई सूचना नहीं है।
- सुभाष चंद, डीएसपी हेडक्वार्टर।