अपहरण के बाद दुराचार मामले की बुधवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंशु शुक्ला की अदालत में सुनवाई हुई।
इसमें पीड़िता दोनों छात्राएं अपने पूर्व में दिए गए बयान से पलट गईं। छात्राओं ने अदालत में कहा कि वह मर्जी से हरप्रीत और करण चोपड़ा के साथ गईं थीं और उनके साथ दुराचार नहीं हुआ। इसके अलावा मामले में एक पीड़ित छात्रा के पिता भी बयान से मुकर गए। अदालत ने इस मामले के फैसले के लिए 26 मई की तारीख तय की है। सोमवार को अदालत ने हरप्रीत और करण चोपड़ा पर अपहरण और दुराचार के आरोप तय किए थे।
बता दें कि सेक्टर-37 निवासी एक व्यक्ति ने 23 फरवरी 2014 को बेटी और उसकी सहेली के अपहरण की शिकायत दी थी। शिकायत के बाद सेक्टर-39 थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर छात्राओं के मोबाइल सर्विलांस पर लगाए।
सर्विलांस से दोनों छात्राओं की लोकेशन कसौली मिली। पुलिस ने कसौली से सेक्टर-37 निवासी हरप्रीत और करण चोपड़ा को गिरफ्तार किया था।