श्रीकृष्ण प्रणामी आश्रम में साध्वी द्वारा युवती से समलैंगिक विवाह किए जाने के मामले में नया मोड़ आ गया है। समलैंगिक विवाह और किशोरी के उत्पीड़न के आरोपों में घिरी श्रीकृष्ण प्रणामी आश्रम की साध्वियों को पॉलीग्राफ टेस्ट में क्लीन चिट मिल गई है।
सोमवार को रिपोर्ट आने के बाद साध्वियों ने राहत की सांस ली। पीड़ित किशोरी ने रिपोर्ट पर आपत्ति जताई और सोमवार को पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर स्वयं का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की मांग की।
जिस पर अब पुलिस ने किशोरी का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने का निर्णय लिया है। किशोरी के साथ पहुंची एसआईटी (स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम) सदस्यों ने किशोरी का पॉलीग्राफ कराते समय एसआईटी सदस्य को भी साथ ले जाने की मांग की।ं
पीड़िता की मां ने लगाए थे आरोप
चरखी दादरी के श्रीकृष्ण प्रणामी मंदिर की संचालिका साध्वी कौशल महाराज व एक अन्य साध्वी पर एक किशोरी की माता ने 14 नवंबर को उसकी बेटी के वशीकरण के आरोप लगाए थे।
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की काउंसलिंग में किशोरी ने साध्वियों पर उसका समलैंगिक विवाह कराने और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। जिसके बाद विवाद बढ़ गया।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों साध्वियों का दिल्ली की फोरेंसिक साइंस लैब में पॉलीग्राफ टेस्ट कराया। पिछले करीब डेढ़ महीने से मामला चर्चा में बना हुआ है।
महिला आयोग की चेयरमैन कमलेश पांचाल ने भी किशोरी और साध्वियों से मुलाकात की थी। टेस्ट की रिपोर्ट सोमवार को आ गई है। रिपोर्ट पॉजीटिव है और साध्वियों द्वारा दिए गए सभी जवाबों को सही बताया गया है।
पीड़िता ने की खुद का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की मांग
सोमवार को किशोरी, उसकी माता, एसआईटी कमेटी सदस्य व चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की चेयरपर्स राजबाला श्योराण, सदस्य सुनीता यादव, मीना जांगड़ा व सरोज बाला ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की।
पुलिस अधीक्षक ने उन्हें पॉजीटिव रिपोर्ट आने की बात बताई तो पीड़िता ने रिपोर्ट पर आपत्ति जताते हुए उसका भी पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की मांग की। जिस पर पुलिस अधीक्षक ने इसकी भी मंजूरी दी। पीड़ित किशोरी की माता का शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में भी इलाज चल रहा है।
दोनों साध्वियों के पॉलीग्राफ टेस्ट की रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट पॉजीटिव है। अब किशोरी का पॉलीग्राफ टेस्ट करवाया जाएगा।
अश्विन शैणवी, पुलिस अधीक्षक
पीड़ित किशोरी पॉलीग्राफ टेस्ट से संतुष्ट नहीं है और स्वयं का पॉलीग्राफ टेस्ट की मांग रखी है। यदि किशोरी का टेस्ट करवाया जाता है तो हम मांग करते है कि एसआईटी कमेटी सदस्य को भी साथ रखा जाए। पिछली दफा सिर्फ पुलिस ने जांच की और एसआईटी कमेटी को जांच से दूर रखा था।
-राजबाला श्योराण, चेयरपर्सन चाइल्ड वेलफेयर कमेटी व एसआईटी सदस्य