सोनीपत में लेडी गैंगस्टर ने जीजा की हत्या की
- फोटो : अमर उजाला
नाम गीता, गांव मोहम्मदाबाद। उम्र करीब 19 साल। 18 की रही होगी जब वह रविंद्र पुगथला गैंग से जुड़ी थी। पढ़ाई में होशियार गीता को अचानक ऐसा क्या हो गया कि वह गैंगस्टर बनने की राह पर चल पड़ी। सोमवार रात को शुगर मिल रोड पर रविंद्र गैंग के दो बदमाशों के साथ काबू की गई गीता ने पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में जो कहानी बयान की है, वह किसी फिल्म की कहानी सरीखी लगती है।
गीता करीब 17 साल की थी। उस समय जीजा दिल्ली के इनामी बदमाश दिनेश कराला ने मामूली कहासुनी में गीता की मां की हत्या कर दी थी। मां की चिता पर उसने कसम खाई कि हत्यारे का काम तमाम किए बिना वह चैन से नहीं बैठेगी। इंतकाम की आग में जलती गीता धीरे-धीरे रविंद्र पुगथला गैंग के संपर्क में आ गई और गैंग के बदमाश शक्ति के साथ रहने लगी। गांव छोड़ दिया और शहर में एक पीजी किराए पर ले लिया।
पुलिस सूत्रों की मानें तो गीता ने कबूल किया है कि जीजा को खत्म करने तक चैन से नहीं बैठने की कसम को पूरा करने के लिए उसने घर छोड़ दिया। घर पर उसका छोटा भाई अंकित भी है, जो कभी-कभार उससे मिल लेता था। लेकिन अन्य परिवार से उसका संपर्क काफी समय से कटा हुआ था।
एक साल ली ट्रेनिंग, हथियार भी किए थे सप्लाई
लेडी गैंगस्टर ने जीजा की हत्या की
- फोटो : amar ujala
गीता ने एक साल तक ट्रेनिंग ली थी। हथियार चलाने से लेकर उसके हर एक पुर्जे के बारे में गीता को जानकारी थी। उसने एक साल में कई अवैध हथियार भी सप्लाई किए थे। बताया गया है कि गीता को देसी पिस्तौल के अलावा रिवॉल्वर, माउजर, दुनाली आदि भी चलानी आती है।
दिनेश काराला को भी सोनीपत पुलिस ने ही किया था काबू
बता दें कि दिल्ली के 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश दिनेश कराला को भी सोनीपत पुलिस ने ही गिरफ्तार किया था। लगभग एक साल पहले सीआईए स्टाफ ने उसे काबू किया था। तब से वह जेल में बंद है।
करीब दो साल पहले गीता की मां की हत्या स्वतंत्र नगर, नरेला में की गई थी। इस मामले में आरोपी दिनेश को नामजद कर मामला दर्ज किया गया था।
-इंदीवर, इंचार्ज, सीआईए स्टाफ, सोनीपत