गैंगरेप पीड़िता ने कोर्ट में ट्रायल शुरू होने के बाद बुधवार को अपना बयान दर्ज कराया। उसने कहा कि परिजन ही उसे 60 हजार रुपये में एक सप्ताह के लिए बेच देते थे। ग्राहक के पास भेजने से पहले उसे ड्रग्स दिया जाता था।
यह सब उसकी मर्जी के खिलाफ करीब एक साल तक चलता रहा। चूंकि वह नशे में होती थी, इसलिए उसे यह नहीं पता कि कहां-कहां ले जाया जाता था। पीड़िता ने तीनों आरोपियों को भी पहचाना, जिनमें उसकी मां, बाप व रैकेट संचालक जीरकपुर निवासी राहुल था।
मां, सौतेला बाप और 3 दलाल शामिल
सेक्टर-5 थाने में 28 मार्च को 16 वर्षीय लड़की की शिकायत पर जालंधर निवासी उसकी मां और सौतेले पिता के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। जालंधर निवासी लड़की की शिकायत पर उसके मां-बाप, तीन दलाल जीरकपुर निवासी राहुल, सेक्टर-21 पंचकूला निवासी विकास, चंडीगढ़ निवासी राहुल उर्फ गंजा व दो अज्ञात युवकों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। इस वारदात में तीन ही आरोपी पकड़े गए। अब तक उन युवकों के बारे में भी पता नहीं लगा, जिन पर रेप के आरोप थे।
ऐसे चलता था वेश्यावृत्ति का धंधा
लड़की ने शिकायत में कहा था कि उसके मां-बाप उससे वेश्यावृत्ति के लिए बेचते हैं। पंचकूला लाकर उसे राहुल के हवाले किया गया। राहुल ने उसे सेक्टर-3 स्थित एक होटल में रखा। बाद में उसे राहुल ही जीरकपुर की एक सोसाइटी में ले जाकर एक फ्लैट में छोड़ दिया, जिसमें दो लड़के पहले से ही थे। लड़कों ने जबरदस्ती उसे शराब पिलाई और उसके साथ दुराचार किया। नशे में धुत लड़के ही उसे सेक्टर-3 स्थित होटल छोड़ गए थे। यहीं से वह पुलिस थाने पहुंची थी।