नाबालिग छात्रा का अपहरण कर सामूहिक दुराचार के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शालिनी सिंह नागपाल की अदालत ने वीरवार को बीटेक के तीन छात्रों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
बरी होने वालों में सेक्टर 20 निवासी कुलविंदर सिंह उर्फ प्रशांत, जीरकपुर निवासी मोंटी पंडवाल और सेक्टर 41 निवासी मोहित सभ्रवाल के रूप में हुई। पीड़ित छात्रा ने 25 सितंबर 2013 को अदालत में तीनों छात्रों को पहचानने से मना कर दिया था।
मलोया निवासी नौवी क्लास की छात्रा ने अप्रैल 2013 में पुलिस को शिकायत दी थी कि वह अपनी पड़ोसन के साथ सेक्टर 41 की मार्केट आई थी।
वहां पर उसे सेक्टर-20 में रहने वाला कुलविंदर मिला। वह उसे मोटरसाइकिल पर घर छोड़ने के बहाने सुखना लेक के जंगल में ले गया।
कुलविंदर और उसके वहां मौजूद दो दोस्तों मोंटी पंडवाल और मोहित ने उससे दुराचार किया। बाद में पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।