एसीपी संदीप वढेरा ने बताया कि सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के मुख्य आरोपी लॉरेंस बिश्नोई का साथी दीपक टीनू ए श्रेणी का गैंगस्टर है। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में वह भी शामिल था। जब टीनू को मानसा पुलिस ने दिल्ली की तिहाड़ जेल से ट्रांजिट रिमांड पर लाई थी तो टीनू मानसा सीआईए की हिरासत में था। तब सीआईए के प्रभारी रहे एसआई प्रितपाल सिंह टीनू को अपनी गाड़ी में अपने घर ले गया था।
जहां टीनू अपनी गर्लफ्रेंड से मिला और अलग कमरे में बैठा रहा। इसी दौरान प्रितपाल अलग कमरे में था तो टीनू अपनी गर्लफ्रेंड के साथ फरार होने में कामयाब हो गया था। टीनू के फरार होने के बाद बधाई देने वालों में कुलदीप कोहली भी शामिल था। जब पुलिस ने जांच की तो पता चला था कि टीनू की गर्लफ्रेंड को कुलदीप सिंह कोहली और राजवीर सिंह ने मानसा छोड़ा था। इसके बाद दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
इस बात पर कुलदीप और राजवीर बने जानी दुश्मन
एसीपी ने बताया कि कुलदीप सिंह कोहली के खिलाफ हत्या समेत करीब चार मामले दर्ज है जबकि राजवीर के खिलाफ छोटे मोटे मामले दर्ज हैं। राजवीर को पता नहीं था कि कुलदीप किसे मानसा छोड़ने जा रहा है। जब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया तो पता चला कि वह जिस युवती को मानसा छोड़ने गया था वह कोई और नहीं बल्कि सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में गिरफ्तार गैंगस्टर दीपक टीनू की गर्लफ्रेंड थी। इसके बाद राजवीर कुलदीप कोहली से नाराज हो गया था। राजवीर का कहना था कि कुलदीप ने जानबूझ कर उसे इतने हाईप्रोफाइल मामले में फंसाया है। इस कारण दोनों का जेल में भी झगड़ा हुआ था।
मारने गया था कुलदीप, मगर राजवीर ने गोली चला दी
टीनू के साथी कुलदीप कोहली ने राजवीर को गोली मारने की साजिश रची थी। उसे पता था कि राजवीर सिधवां नहर के लोहारा पुल के पास है। जब कुलदीप साथियों के साथ वहां पहुंचा तो राजवीर को पता था कि वह उसे मारने आ रहा है। इसके बाद राजवीर ने अवैध हथियार से गोली चला दी। एक गोली सीधे कुलदीप के पैर में लगी।