सरपंच का कारनामा, मरे हुए लोगों को भी बांट दी पेंशन। पढ़िए अजीबोगरीब और चौंकाने वाला मामला। मामला है हरियाणा के रोहतक का। रिटौली में मरे हुए लोगों को पेंशन बांटने का अजीबोगरीब मामला सामने आया है।
गांव के पूर्व सरपंच ने गांव के छह लोगों की मृत्यु के बाद भी उनके नाम से समाज कल्याण विभाग से पेंशन ली और हड़प कर गया। इस तरह उसने करीब तीन साल में 47,750 रुपये का गोलमाल किया। कुछ ग्रामीणों की शिकायत पर जब विभाग ने टीम गठित कर जांच करवाई तब छह मृत लाभपात्रों की पेंशन डकारने की पुष्टि हुई।
अब पूर्व सरपंच को हड़पे गए 47,750 रुपये पर 12 फीसदी ब्याज के साथ पेंशन राशि का भुगतान करना होगा। वहीं, पूर्व सरपंच पर कानूनी कार्रवाई के लिए डीसी को रिपोर्ट भेजी गई है।
2012 से शुरू हुआ खेल
25 फरवरी 2012 को गांव निवासी सरबती की मृत्यु हो गई थी। इसकी 4900 रुपये बुढ़ापा पेंशन पूर्व सरपंच ने डकार ली है। 18 मई 2013 को रतन की मृत्यु हुई। उसकी 2100 रुपये बुढ़ापा पेंशन सरपंच ने रख ली। 12 फरवरी 2013 को धनपति की मृत्यु हुई थी और उसकी 3750 रुपये विधवा पेंशन सरपंच ने रख ली।
28 अगस्त 2014 को मरी प्रेमो और 8 जून 2014 को मरी सावित्री की 18,400 रुपये बुढ़ापा सरपंच ने डकार ली। वहीं, साल 2013 में अप्रैल माह के बाद से सपना ने गांव में रहना बंद कर दिया था, क्योंकि उसके पति जगवीर की मृत्यु हो गई थी। लेकिन, 5 फरवरी 2015 तक सरपंच ने 14,600 रुपये विधवा पेंशन हड़प ली।
महावीर गोदारा, जिला समाज कल्याण अधिकारी, रोहतक ने बताया कि 15 फीसदी लाभपात्रों पर चल रही जांच
रिटौली के पूर्व सरपंच ने छह मृत लोगों की पेंशन मामले में 47,750 रुपये का गोलमाल किया है। अरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। वहीं, 15 फीसदी लाभपात्रों की पेंशन रोकी गई है। इनके खिलाफ दोहरी और गलत तरीके से पेंशन लेने की शिकायत है। जिनकी अभी जांच चल रही है।