आरोपियों ने उनका विश्वास जीतने के लिए थाइलैंड टूर पर भी भेजा और कहा कि अगला टूर दुबई का है। इसके बाद कंपनी सबको अमेरिका का वर्क परमिट दिलवाएगी। वहीं काम भी दिलवाया जाएगा। इस तरह से झूठे सब्गबाज दिखाकर आरोपियों ने उसे व उसके कई साथियों को कंपनी का सदस्य बनाया। बार-बार धोखाधड़ी कर कंपनी में लाखों रुपये का फर्जी निवेश करवाया। कंपनी ने बैंक खाते में राशि नहीं डाली।
आरोपियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि कंपनी का सॉफ्टवेयर अपडेट हो रहा है, जल्द की राशि आ जाएगी। इस तरह से तीन महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें आश्वासन देने में लगे रहे और उनका वीजा लगवाने का झांसा देकर उनसे पासपोर्ट ले लिया। बाद में आरोपियों ने न तो उनका वीजा लगवाया और न ही पासपोर्ट वापस दिया।
आरोपियों ने धोखे से कंपनी के खाते में 65 लाख 72 हजार रुपये राशि डलवा ली। अब धनराशि व पासपोर्ट मांगने पर आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। आरोपियों ने कंपनी की जानकारी भी इंटरनेट से हटा दी हैं। जांच अधिकारी विरेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।