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Chandigarh News: अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश, 78 लाख की ड्रग मनी, नशा-हथियार बरामद

Sun, 13 Aug 2023 09:54 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पुलिस के मुताबिक इस गिरोह का पर्दाफाश बीते 27 जुलाई को बुड़ैल के शुभम जैन उर्फ गौरव (28) की गिरफ्तारी से हुआ था। शुभम ट्राइसिटी में नशा सप्लाई करता था। उसके कब्जे से हेरोइन भी मिली थी। इससे पहले भी पुलिस ने उसे हेरोइन के साथ पकड़ा था।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब की जेलों में बंद कैदी मोबाइल से विदेश में बैठे नशा तस्करों से डील कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश कर चंडीगढ़ पुलिस की अपराध शाखा ने यह खुलासा किया। अब तक इस रैकेट के छह लोग पकड़े जा चुके हैं। इनसे 78 लाख रुपये की ड्रग मनी, 200.48 ग्राम हेरोइन और एक पिस्टल बरामद हुई है। रैकेट के तार हवाला कारोबार से भी जुड़े हैं।

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एसपी क्राइम केतन बंसल ने शनिवार को प्रेसवार्ता कर बताया कि यूटी पुलिस फिरोजपुर (पंजाब) की जेल से मोगा निवासी जगजीत उर्फ जग्गा (33) को प्रोडक्शन वारंट पर लाई है। जग्गा जेल से ही नशे का नेटवर्क चला रहा था। वह पाकिस्तान में बैठे नशा तस्करों और पंजाब के हवाला ऑपरेटरों के संपर्क में था। उसे जैसे ही पता चला कि चंडीगढ़ पुलिस ने उसके प्रोडक्शन वारंट के लिए अर्जी लगाई है, उसने जेल में ही अपना मोबाइल तोड़ दिया।

बंसल ने बताया कि जग्गा सात मामलों में पकड़ा जा चुका है। इनमें तेजधार हथियार से हमला करने, हत्या के प्रयास, एनडीपीएस एक्ट समेत कई धाराओं के केस दर्ज हैं। ये मामले वर्ष 2014 से 2020 के बीच पंजाब में दर्ज हुए थे। इनमें से तीन में मुकदमा चल रहा है। दो में वह बरी हो चुका है और एनडीपीएस एक्ट के दो मामलों में उसे 10 और 11 साल की सजा हुई है। यह रैकेट हर महीने 7 से 8 किलो हेरोइन की तस्करी करता था और ड्रग मनी का इस्तेमाल संपत्ति से जुड़े अपराध में कर रहा था। गैंगस्टरों से संबंध के एंगल पर भी जांच की जा रही है।

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फिरोजपुर से जुड़े इस रैकेट के तार ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान से भी जुड़े हैं। यह गिरोह पाकिस्तान से ड्रोन और नदियों के जरिए प्लास्टिक बोतलों में नशा मंगवाता था। गिरोह आपस में बातचीत के लिए अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप और वर्चुअल नंबर का इस्तेमाल करता था। हवाला के जरिए पाकिस्तानी तस्करों तक ड्रग मनी पहुंचाई जाती थी। चंडीगढ़ पुलिस ने केस की जानकारी एनसीबी, पंजाब पुलिस और अन्य एजेंसियों से भी साझा की है ताकि व्यापक स्तर पर कार्रवाई हो सके।

बता दें कि जगजीत उर्फ जग्गा, रविंदर उर्फ रवि और चंदन रिमांड पर हैं जबकि आरोपी शुभम, पुनीत और पवनप्रीत को न्यायिक हिरासत में बुड़ैल जेल भेजा जा चुका है। गिरोह से अपराध शाखा की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स इस इंटरनेशनल ड्रग्स रैकेट को तोड़ने के लिए पिछले कई दिनों से ऑपरेशन चला रखा है और अभी कई और गिरफ्तारियां होनी बाकी हैं।

इस तरह जुड़ी हुई थी चेन

पुलिस के मुताबिक इस गिरोह का पर्दाफाश बीते 27 जुलाई को बुड़ैल के शुभम जैन उर्फ गौरव (28) की गिरफ्तारी से हुआ था। शुभम ट्राइसिटी में नशा सप्लाई करता था। उसके कब्जे से हेरोइन भी मिली थी। इससे पहले भी पुलिस ने उसे हेरोइन के साथ पकड़ा था। दूसरे मामले में एसटीएफ मोहाली ने 170 ग्राम हेरोइन मिलने पर केस दर्ज किया था। 

रिमांड पर लेकर पूछताछ करने पर उसने फिरोजपुर के पुनीत कुमार का नाम बताया, जिसे 29 जुलाई को देसी पिस्टल और पांच कारतूस समेत दबोचा गया। उससे पूछताछ में तीन नशा तस्करों के नाम सामने आए। इनमें पवनप्रीत सिंह, रविंदरपाल सिंह और चंदन शामिल थे। रविंदरपाल की गिरफ्तारी कर फिरोजपुर जेल में बंद जगजीत उर्फ जग्गा को प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया।

पंजाब पुलिस का वांटेड था चंदन

24 वर्षीय पुनीत, शुभम को ट्राइसिटी में सप्लाई करने के लिए नशा पहुंचाता था। उसके कब्जे से हथियारों समेत 22.96 ग्राम हेरोइन भी मिली थी। वहीं, पवनप्रीत (24) फिरोजपुर का रहने वाला है और पुनीत का साथी है। उसके कब्जे से भी 22.96 ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी। वहीं, फिरोजपुर निवासी चंदन (23) पुनीत और पवनप्रीत को नशा सप्लाई करता था। 

वह ऑस्ट्रेलिया में बैठे नशा तस्कर सिमरन का साथी है और उसी के कहने पर वह काम करता था। चंदन के कब्जे से 78 लाख 38 हजार 200 रुपये की ड्रग मनी और 107.52 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। उसके पीछे पंजाब पुलिस भी लगी थी। इससे पहले वह फिरोजपुर में 2016 में पकड़ा जा चुका है। उससे पांच ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी। वहीं, रविंदरपाल सिंह उर्फ रवि (31) पुनीत को नशा सप्लाई करता था। पुनीत ने करीब 5 लाख रुपये उसके खाते में ट्रांसफर किए थे।
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पाकिस्तान के आरिफ डोगर के संपर्क में है सिमरन

पुलिस के मुताबिक इस रैकेट का सरगना ऑस्ट्रेलिया में बैठा सिमरन सिंह हैं, जो मेलबर्न में छिपा है। वहीं से वह नशे का पूरा नेटवर्क चला रहा है। वह पाकिस्तान के नशा तस्कर आरिफ डोगर से संपर्क में है। पाकिस्तान से ड्रोन और प्लास्टिक बोतलों में नदी के रास्ते हेरोइन भारत में पहुंचाई जा रही है। 

चंदन ड्रग मनी को सिमरन के कहने पर पंजाब के हवाला ऑपरेटर्स को देता था। जो ड्रग मनी जब्त की गई है, वह भी आगे पहुंचाई जानी थी। सिमरन पर कार लूट मामले में 2018 में मामला दर्ज हुआ था। उसने गन प्वाइंट पर पंचकूला में तीन गाड़ियां लूटीं थीं। उसके खिलाफ कुल पांच आपराधिक मामले लंबित हैं। जानकारी के मुताबिक वर्ष 2022 में सिमरन विदेश निकल गया था।
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