चंडीगढ़ में लोगों को ठगने वाले कई गिरोह सक्रिय हैं। कहीं बुजुर्ग महिलाओं को कार में लिफ्ट देकर उनके गहने उतारने वाले तो कहीं बैंकों में रुपये जमा करने आए लोगों को ठगने वाले। इस तरह गिरोह के सदस्य नोट का लालच देकर रुमाल में बंधे कागज के टुकड़े देकर असली नोट ले जाते हैं। जब तक वह रुमाल खोलकर देखते हैं आरोपी दूर निकल चुके होते हैं। इस साल तीन ऐसे मामले आ चुके हैं जिनमें अपराधियों ने लोगों से लाखों रुपये ठगे हैं।
केस-1
पंद्रह जनवरी को कॉलोनी नंबर चार के मोहम्मद मुस्तगी सेक्टर 28 में बैंक में 50 हजार रुपये जमा करने आया था। तभी उसे दो लड़के मिले। उन्होंने कहा कि वह 1.5 लाख रुपये चोरी कर के लाए हैं और उसे वह जमा नहीं करा सकते। तुम ये पैसे जमा करा दो। उसके बाद मोहम्मद मुस्तगी को ठगों ने रुमाल में बंधे कागज के टुकड़े पकड़ाकर उसके पचास हजार रुपये लेकर फरार हो गए।
केस 2
दस मार्च को सेक्टर-28 में सुनील मिश्रा भी दस हजार रुपये जमा कराने गया था। उसे भी दो लड़के मिले। जिन्होंने कहा कि उनके पास एक लाख रुपये हैं जो बैंक में जमा कराने हैं। दोनों युवकों ने पीड़ित को रुपये जमा कराने के बदले कुछ पैसे भी देने को कहा। सुनील लालच में आ गया और उनके पैसे पकड़ लिए। जिसके बाद आरोपियों ने रुमाल में बंधे कागज के टुकड़े थमाये और दस हजार रुपये लेकर चलते बने।
केस 3
दस मई को कजहेड़ी निवासी सेक्टर 42 स्थित बैंक में 46 हजार रुपये जमा कराने आया था। दीपक को भी अन्य पीड़ितों की तरह दो युवक मिले और उसे धोखे से 46 हजार रुपये लेकर फरार हो गए थे। दीपक सेक्टर 61 में डिपार्टमेंटल स्टोर पिछले दस महीनों से काम करता है और मालिक के पैसे जमा करने आया था। उसके मालिक प्रमोद ने ही उसको 46 हजार रुपये बैंक में जमा करने को दिए थे।
भोले लोगों को बनाते हैं निशाना
बैंकों के आसपास सक्रिय इस गैंग के लोग अक्सर भोले भाले और कम पढ़े लिखे लोगों को शिकार बनाते हैं। तीनों ही मामलों में शातिरों ने ऐसे ही लोगों को निशाना बनाया है। उनको थोड़ा सा लालच देकर पैसे जमा कराने के लिए तैयार कर उनके पैसे लेकर रुमाल में बंधे कागज के टुकड़े थमा देते हैं।
सीसीटीवी से बचकर करते हैं वारदात
अभी तक जितने भी मामले आए हैं उसमें आरोपी कभी सीसीटीवी में कैद नहीं होते। पुलिस बताती है कि आरोपी कैमरे से बचकर वारदात करते हैं। इसलिए बैंकों के आसपास लगे कैमरों में अपराधी कैद नहीं हुए। पुलिस अभी तक इस शातिर गैंग तक नहीं पहुंच पाई है।