कोलकाता की एक पैराबैंकिंग कंपनी शहर से सैकड़ों लोगों को करोड़ों रुपये की चपत लगाकर फरार हो गई है। कंपनी ने शहर में रेलवे रोड स्थित कार्यालय पर भी ताला जड़ दिया है। कंपनी में शहर के सैकड़ों लोगों ने भारी ब्याज के लिए करोड़ों रुपये जमा करवाए थे। यही नहीं कंपनी अपने ही ब्रांच मैनेजर के साथ भी धोखाधड़ी कर गई। मैनेजर ने भी अपने परिवार के लोगों के लाखों रुपये कंपनी में जमा किए थे।
कंपनी द्वारा कार्यालय बंद किए जाने के लिए प्रबंधक ने इसकी शिकायत थाना शहर में दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले में कंपनी के सीएमडी समेत चार अधिकारियों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। बता दें कि इससे पहले भी शहर के एक व्यक्ति ने कंपनी पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।
कोलकता की पैराबैंकिंग कंपनी विश्वामित्रा परिवार इंडिया व कंपनी के सीएमडी मनोज कुमार निवासी कोलकता, जोनल प्रबंधक संजय कुमार निवासी लखनऊ, एरिया मैनेजर रोहतक निवासी रविंद्र कुमार व एरिया इंचार्ज सूरज कुमार निवासी लखनऊ पर थाना शहर पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। कंपनी पर शहर के सैकड़ों लोगों के करोड़ों रुपये लेकर फरार होने का आरोप है।
कंपनी के पूर्व ब्रांच प्रबंधक लवकेश जिंदल निवासी श्रवण ज्ञान गली ने इसकी शिकायत थाना शहर पुलिस में दर्ज करवाई है। लवकेश जिंदल ने बताया कि करीबन तीन साल पहले कंपनी ने उसे रेलवे रोड स्थित ब्रांच का प्रबंधक बनाया था। कंपनी मंथली डिपोजिट, एफडी व मंथली इंटरेस्ट स्कीम पर पैसे जमा करती थी।
कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं को एक साल की एफडी पर साढ़े 12 प्रतिशत, दो साल की एफडी पर साढ़े 13 प्रतिशत ब्याज व पांच साल की एफडी पर पैसे दोगुना कर देने की स्कीम चलाती थी। इन स्कीमों के तहत शहर के सैकड़ों लोगों ने कंपनी में करोड़ों रुपये जमा करवाए थे। उसने भी अपने परिवार व रिश्तेदारों के करीब 30 लाख रुपये कंपनी में जमा करवाए थे। उसने दो-दो लाख रुपये की 15 एफडी 2013 व 2014 में करवाई गई थी। पिछले साल कंपनी ने अचानक पानीपत में अपना कार्यालय बंद कर दिया। वह कंपनी के अधिकारियों से कार्यालय बंद करने की वजह पूछते रहे, लेकिन कंपनीअधिकारियों ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। कंपनी के अधिकारी उन्हें जल्द पैसा देने का आश्वासन दिया। कुछ दिनों के बाद कंपनी के अधिकारियों ने अपने फोन नंबर बदल लिए।
वह अपने पैसों व अपनी छह माह की सैलरी के लिए कोलकता स्थित जदरागनजी न्यू टाउन गए जहां कंपनी के मुख्यालय पर ताला लटका मिला। कोलकाता जाकर पता चला कि कंपनी ने अपना मुख्यालय बंद कर दिया है। उन्होंने इस बारे में एरिया प्रबंधक रविंद्र कुमार निवासी रोहतक से भी बातचीत की। रविंद्र कुमार ने कहा कि इसमें वह कुछ नहीं कर सकता है। कंपनी के शीर्ष अधिकारियों ने ही लोगों का पैसा ठगा है। उन्होंने इसकी शिकायत थाना शहर पुलिस में दर्ज करवाई है। पुलिस ने कंपनी के अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
वर्जन
कोलकाता की पैराबैंकिंग कंपनी विश्वामित्रा परिवार इंडिया व कंपनी के सीएमडी मनोज कुमार निवासी कोलकता, जोनल प्रबंधक संजय कुमार निवासी लखनऊ, एरिया मैनेजर रोहतक निवासी रविंद्र कुमार व एरिया इंचार्ज सुरज कुमार निवासी लखनऊ पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की धरपकड़ के लिए कोलकता भी जाएगी।
रामकुमार, सब इंस्पेक्टर थाना शहर पानीपत।