एक सब इंस्पेक्टर ने अपने ही विभाग की एक लेडी कांस्टेबल को अन्य व्यक्तियों से ठगी का शिकार बना दिया। फिलहाल पुलिस ने चार साल बाद आरोपी विमल कालड़ा और अन्य के खिलाफ चोरी और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
सेक्टर-17 थाने में तैनात लेडी कांस्टेबल धनवंती देवी ने 2010 में पुलिस को शिकायत दी थी कि वह उस समय मनीमाजरा थाने में तैनात थी और उस समय सब इंस्पेक्टर हरीश बख्शी वहां तैनात थे, जो अब रिटायर्ड हो चुके हैं।
उन्होंने महिला कांस्टेबल को विमल नाम के एक व्यक्ति से मिलवाया था। धनवंती का कहना है कि हरीश उसे अच्छी तरह से जानता था।
विमल ने धनवंती देवी को टाटा विंगर 1 लाख 25 हजार और स्कोडा फैबिया कार 4.25 की बेची थी, लेकिन धनवंती को बाद में पता चला कि यह दोनों गाड़ियां लोन पर हैं। जब इस बात का धनवंती को पता चला तो उसने विमल और सब इंस्पेक्टर से बात की, लेकिन दोनों ने मिल कर लोन भुगतने की बजाए दोनों गाड़ियों उसके घर से उठवा लीं।
इसके बाद धनवंती ने इसकी शिकायत पुलिस को दी। इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच ने की है। क्राइम ब्रांच की जांच में विमल व अन्य लोग दोषी पाए गए। जिसके बाद सेक्टर-17 थाने में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
सेक्टर-17 पुलिस थाना प्रभारी दिलशेर चंदेल का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच क्राइम ब्रांच की टीम कर रही है।