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पक्की नौकरी मांगने आए 44 गेस्ट टीचर्स को जेल

Mon, 18 May 2015 11:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल।
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नियमित होने की मांग को लेकर करनाल के सेक्टर-12 ग्राउंड में महापड़ाव के बाद सीएम आवास तक रोष प्रदर्शन करने निकले प्रदेशभर के अतिथि अध्यापकों को पुलिस की लाठी, डंडों की मार के बाद जेल भी जाना पड़ गया।
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रविवार को गिरफ्तार 44 अतिथि अध्यापकों को सोमवार को सीजीएम की कोर्ट में पेश किया गया, जिन्हें 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत जिला जेल में भेज दिया है। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 44 अतिथि अध्यापकों का मेडिकल करवाने में पुलिस का एक घंटे का समय लग गया।

दूसरी तरफ पुलिस के लाठीचार्ज में मेडिकल कॉलेज में दाखिल अतिथि अध्यापकों ने पुलिस की कार्रवाई पर रोष जाहिर किया। अतिथि अध्यापकों ने कहा कि पुलिस ने महिलाओं पर भी जमकर डंडे बरसाए और दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और अतिथि अध्यापकों को घेरा पाकर पुलिस ने गुंडागर्दी दिखाई।
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सिविल लाइन थाने के प्रभारी प्रतीक कुमार ने बताया कि पुलिस पर पथराव, आमजन को परेशान सहित अन्य नियमों का उल्लंघन करने पर 44 अतिथि अध्यापकों को गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा तीन हजार अतिथि अध्यापकों पर केस दर्ज है। सोमवार को अतिथि अध्यापकों का मेडिकल करवाया गया, जहां सभी का स्वास्थ्य ठीक मिला।

44 अतिथि अध्यापकों को एक जून को दोबारा से कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके अलावा अस्पताल में दाखिल अतिथि अध्यापक संदीप, जगमाल, दिनेश, वजीर सिंह, उर्मिला, कृष्ण, रेनू बाला ने बताया कि पुलिस ने लाठीचार्ज के बाद अतिथि अध्यापक महिलाओं को रात को सुनसान जगह पर छोड़ गए। मेवात जिले के दर्जनों महिला अध्यापकों को रात साढ़े आठ बजे असंध बस स्टैंड पर छोड़ गए। इस तरह सैकड़ों अतिथि अध्यापक रातभर परेशान रहे।

दोनों एक दूसरे पर मढ़ रहे आरोप
एक तरफ अतिथि अध्यापक पुलिस पर बर्बरतापूर्वक हमला करने के आरोप लगा रहे हैं, वहीं पुलिस के आला अधिकारी फोर्स का बचाव कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अतिथियों ने पथराव किया, जिससे पांच पुलिस कर्मचारी घायल हो गए।

नहीं जुट पाए करनाल में
पुलिस द्वारा टेंट उखाड़ने के बाद सोमवार को अतिथि अध्यापक करनाल में एकजुट नहीं हो पाए। हालांकि अन्य गुप्त स्थानों पर उन्होंने मीटिंग जरूर की। उधर, घरौंडा व अन्य स्थानों पर अतिथि अध्यापकों ने सरकार के प्रति रोष जाहिर किया। आंदोलन तितरबितर होने के बाद अब दोबारा से गेस्ट का एकजुट होना कठिन है, क्योंकि 44 को तो जेल हो चुकी है, जबकि पुलिस अन्य की तलाश कर रही है।
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