पंजाब में स्वास्थ्य विभाग के 58 करोड़ रुपये के निर्माण कार्य में दो फीसदी कमीशन मांगने का आरोप स्वास्थ्य मंत्री और उनके ओएसडी पर लगा है। दोनों पर भ्रष्टाचार रोको अधिनियम की धारा सात और आठ के तहत मोहाली के फेज आठ के थाने में केस दर्ज हुआ है। उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और तीन दिन का रिमांड मिला है। यह कार्रवाई पंजाब हेल्थ सिस्टम कारपोरेेशन के निगरान इंजीनियर (एसई) राजिंदर सिंह की शिकायत पर हुई है। उन्होंने इस संबंध में रिकॉर्डिंग से लेकर पुख्ता सबूत पुलिस व सीएम तक पहुंचाए थे। इसके बाद यह कार्रवाई की गई।
शिकायकर्ता राजिंदर सिंह ने बताया कि वह सेक्टर-70 के रहने वाले हैं। वह फेज आठ स्थित पंजाब हेल्थ सिस्टम कारपोरेशन में डेपुटेशन पर बतौर निगरान इंजीनियर के पद पर काम कर रहे हैं। करीब एक महीना पहले जब वह अपने दफ्तर में काम कर रहे थे। इस दौरान उन्हें स्वास्थ्य मंत्री डॉ. विजय सिंगला के ओएसडी प्रदीप कुमार का फोन आया। उन्हें स्वास्थ्य मंत्री ने पंजाब भवन बुलाया। जहां पर कमरा नंबर 203 में स्वास्थ्य मंत्री व उनके ओएसडी थे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वह जल्दी में हैं। ऐसे में वह जा रहे हैं और प्रदीप कुमार आपसे बात करेंगे।
वह जो कहेंगे समझ लेना कि मैं ही कह रहा हूं। इसके बाद प्रदीप कुमार ने कहा कि करीब 41 करोड़ रुपये के निर्माण कार्य अलॉट किए गए हैं। साथ ही करीब 17 करोड़ रुपये की अदागयी मार्च महीने में ठेकेदारों को की गई है। ऐसे में 58 करोड़ रुपये की रकम का दो फीसदी लगभग 1 करोड़ 16 लाख रुपये की कमीशन रिश्वत के रूप में उन्हें दी जाए। यह सुनकर वह पूरी तरह चौक गए। उन्हें समझ नहीं आया कि वह क्या करे। वह मानसिक परेशानी में आ गए। इसके बाद उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री के ओएसडी प्रदीप कुमार को कहा कि वह यह काम नहीं कर सकते हैं। भले ही उन्हें उनके विभाग में वापस भेज दिया जाए।
जब बात नहीं बनी तो एक फीसदी कमीशन पर आ गए
20 मई को जब आरोपियों को लगा कि यह सौदा सिरे नहीं चढ़ रहा है तो मंत्री के ओएसडी ने कहा कि आप 10 लाख रुपये देना। वहीं आगे से जो भी ठेकेेदारों को अदायगी की जाएगी, उसमें एक फीसदी उन्हें देते रहना। इस पर उन्होंने उन्हें साफ बताया कि उनके खाते में ढाई लाख रुपये हैं।
तीन लाख रुपये की मेरी लिमिट बनी हुई है। इस मानसिक परेेशानी से बचने के लिए पांच लाख रुपये दे पाएंगे। 23 मई को प्रदीप कुमार का फोन आया और उन्हें मिलने के लिए सचिवालय बुलाया गया। जहां पर उन्होंने पांच लाख देने के लिए हामी भरी। इसकी ऑडियो भी उन्होंने दी। इस दौरान मंत्री ने पांच लाख रुपये प्रदीप को देने के लिए कहा था।
फोन पर मांगी रिश्वत, कॅरिअर खराब करने की धमकी दी
शिकायकर्ता ने एक फोन नंबर का जिक्र अपनी शिकायत में किया है जिससे कि आठ, 10, 12, 13 और 23 मई को व्हाट्सएप कॉल आई। साथ ही उन्हें बार-बार बुलाकर रिश्वत मांगी गई। आखिर में जब आरोपियों को लगा कि बात नहीं बनेगी तो उन्होंने धमकी दी कि अगर रिश्वत नहीं दी तो उनका कॅरिअर खराब कर देंगे। इतना ही नहीं, विभाग में उनका नुकसान कर देंगे।
नवंबर में है रिटायरमेंट, हर दिन चिंता में निकाला
राजिंदर सिंह ने बताया कि उनकी उम्र 57 साल की हो गई है। वह तीस नवंबर को रिटायर होने वाले हैं। ऐसे में उन्होंने उनसे गुहार लगाई कि उनका कॅरिअर न खराब किए जाए। मैं वापस अपने विभाग में जाने के लिए भी तैयार हूं। इतना ही नहीं उन्हें यहां तक कह दिया था कि जो व्यक्ति कमीशन के रूप में आपको रिश्वत दे सकता है। आप उसे डेपुटेशन पर ला सकते हैं।