इंटरनेशनल एयरपोर्ट की पार्किंग में मंगलवार दोपहर उस समय अफरातफरी मच गई जब एक तेज रफ्तार बीएमडब्ल्यू कार ने बेकाबू होकर जमकर कहर मचाया। इस दौरान कार ने पहले एक आई-20 और फिर एक इनोवा को हिट किया। इसके बाद बेकाबू कार सीधे फुटपाथ पर चढ़ गई। साथ ही वहां बैठे कई लोगों को अपनी चपेट में लेते हुए पॉम ट्री से टकराकर रुक गई।
इस दौरान कार चालक समेत पांच लोग घायल हो गए। सबको फेज-आठ स्थित एक नामी प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया जहां पर एक की हालत गंभीर बनी हुई है। जबकि ब्लॉक समिति व जिला परिषद चुनाव की तैयारियों में व्यस्त होने के चलते पुलिस करीब तीन घंटे देरी से पहुंची। इससे लोगों का गुस्सा भड़क गया। घायलों में नरिन्द्र सिंह निवासी गांव हलालपुर (खरड़), अमृतपाल सिंह निवासी सेक्टर 70 मोहाली, बलविन्द्र सिंह निवासी बापू धाम कालोनी (चंडीगढ़), गुरविन्द्र सिंह निवासी सेक्टर 45-बी (बुड़ैल) चंडीगढ़ व कार चालक राजीव गर्ग घायल हो गए हैं।
घायलों में नरिन्द्र सिंह की हालत काफी गंभीर है। घायलों के परिजनों का कहना है कि उनके बच्चों के इलाज के लिए जिम्मेदार कार चालक भुगतान करे। लेकिन वह भुगतान करने से पीछे हट रहा है। इस वजह से मामला गर्माया हुआ है। दूसरी तरफ एयरपोर्ट पुलिस चौकी इंचार्ज के एसएचओ हरसिमरन सिंह बल ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी थी।
ऐेसे हुआ था हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा करीब सवा तीन बजे हुआ। राजीव गर्ग अपनी बीएमडब्ल्यू कार पर एयरपोर्ट से किसी को लेने गया था। जब वह पार्किंग से निकलने लगा तो उसकी कार एक आई-20 कार के साथ टकरा गई। उसके बाद वह इतना घबरा गया कि कार रुकने के बजाय और तेज हो गई। साथ ही बीएमडब्ल्यू एक इनोवा से टकराती हुई फुटपाथ पर चढ़ गई।
उसने वहां बैठे कई लोगों को चपेट में ले लिया। ये सारे लोग विभिन्न कंपनियों की कारों के ड्राइवर थे। इसके बाद कार पाम ट्री से टकराकर रुक गई। इस दौरान कार चलाने वाला भी घायल हो गया। उसका कहना था कि उसका शुगर बढ़ गया था। हादसा होते ही पार्किंग में अफरा तफरी मच गई और टैक्सी चालकों ने अपने साथियों को अपने वाहनों में डाल कर मोहाली के एक प्राइवेट अस्पताल पहुंचा दिया।
कार मालिक ने पैसे देने से किया मना
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घायलों को प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान सबका इलाज शुरू हो गया। इस दौरान चालक ने कहा कि वह किसी के इलाज पर पैसा खर्च नहीं कर सकता। वह कार की इंश्योरेंस से ही क्लेम दिला सकता है। अस्पताल प्रबंधन ने एक बार तो इलाज से जवाब दे दिया लेकिन घायल टैक्सी चालकों के साथियों को इकट्ठे होते देख घायलों को दाखिल कर लिया गया।