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पटियालाः एटीएम से 36 लाख की चोरी का खुला राज, कर्मचारी ही निकले चोर, पांच गिरफ्तार

Fri, 22 Mar 2019 09:48 PM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
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मामले के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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स्टेट बैंक के एटीएम को काट कर 36 लाख की चोरी करने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। एटीएम में कैश डालने वाली कंपनी के मुलाजिम ही चोर निकले। पुलिस ने एटीएम से चोरी की रकम से खरीदे वाहन, अन्य सामान और 5.50 लाख रुपये बरामद किए हैं।

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एसएसपी मनदीप सिंह सिद्धू, एसपी (डी) हरमीत सिंह हुंदल ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि 16 मार्च की रात को समानिया गेट के पास पुरानी पुलिस लाइन के नजदीक स्टेट बैंक के एटीएम को गैस कटर से काट कर अज्ञात व्यक्तियों ने लाखों की नगदी चुरा ली थी।

 कोतवाली थाना में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले को हल करने के लिए टीमें बनाकर एटीएम में कैश डालने वाली कंपनियों सीएमएस व एफएसएस के साथ तालमेल किया गया। इस दौरान सामने आया कि यह सारा घपला ही इन कैश लोडरों की ओर से किया गया है।
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गुरुवार को एटीएम से कैश की चोरी करने वाले दीपक राय उर्फ दीपक निवासी एसएसटी नगर पटियाला, रजिंदर सिंह उर्फ बंटी निवासी अरोडिय़ां वाला मोहल्ला पटियाला, धर्मपाल उर्फ धर्मा निवासी आनंद नगर-बी पटियाला, दीपक तिवाड़ी उर्फ दीपक निलासी मथुरा कालोनी पटियाला, बलविंदर सिंह उर्फ मोनू निवासी धीरू की माजरी पटियाला को डकाला चुंगी से गिरफ्तार किया गया। 

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आरोपियों से एटीएम काटने वाले औजार, चोरी की करेंसी समेत वरना, सेंट्रो, आई-10 कार, पल्सर, होंडा मोटरसाइकिल, एक्टिवा और स्कूटी बरामद हुई हैं। दीपक तिवाड़ी करीब डेढ़ साल पहले कैश कम होने के कारण नौकरी से निकाला जा चुका है।   

करीब 70 लाख का घपला सामने आया   
एसएसपी ने बताया कि तफ्तीश से यह बात सामने आई है कि गिरोह का सरगना रजिंदर सिंह उर्फ बंटी है। यह सभी चेस्ट से कैश हासिल करके एटीएम में डालते थे। इन्होंने साल 2014 से घपलेबाजी शुरू कर दी थी। कम कैश डालकर एटीएम में पूरा कैश लोड करने वाले कंपनी के हेडक्वार्टर को सूचित कर दिया जाता था। 

नवंबर 2016 में नोटबंदी के समय तक आरोपी घपलेबाजी करके करीब 19 लाख की हेराफेरी कर चुके थे। बाद में इन्होंने यह पैसा इकट्ठा करके दोबारा एटीएम में डाल दिया था। दोबारा साल 2017 से अपने पहले वाले तरीके के साथ एटीएम में लोड करने वाला कैश खुर्द-बुर्द करना शुरू कर दिया। पड़ताल में अब तक करीब 70 लाख तक का घपला सामने आया है।

अब पीएनबी के आठ एटीएम में आरोपी कैश डालते थे, वह बंद हो रहे थे। इस पर इन एटीएम की राशि करीब 36 लाख 50 हजार रुपये घट रही थी। यह इनको जमा करानी थी, यह राशि न होने की सूरत में आरोपियों ने 16 मार्च को एटीएम में 27 लाख रुपये डालने की एंट्री तो दिखा दी लेकिन कैश डाला नहीं गया। इसके बाद उसी रात पहले से ही तोड़े जा रहे एटीएम में भेष बदलकर एटीएम को पूरी तरह से तोड़ दिया और कैश वाली ट्रे बाहर निकाल दीं और एटीएम में बाकी पड़ा कैश भी चोरी कर लिया।

एसएसपी ने बताया डीजीपी ने मामले को हल करने वाली पुलिस टीम को 50 हजार का नगद पुरस्कार व डीजीपी डिस्क के साथ सम्मानित करने का एलान किया है। साथ ही डीजीपी के जरिए बैंक अथॉरिटी को लिखा जा रहा है कि बैंक के उच्चाधिकारियों की निगरानी में ऑडिट कराया जाए और बैंकिंग के सिस्टम में सुधार लाया जाए।
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