आरोपियों से एटीएम काटने वाले औजार, चोरी की करेंसी समेत वरना, सेंट्रो, आई-10 कार, पल्सर, होंडा मोटरसाइकिल, एक्टिवा और स्कूटी बरामद हुई हैं। दीपक तिवाड़ी करीब डेढ़ साल पहले कैश कम होने के कारण नौकरी से निकाला जा चुका है।
करीब 70 लाख का घपला सामने आया
एसएसपी ने बताया कि तफ्तीश से यह बात सामने आई है कि गिरोह का सरगना रजिंदर सिंह उर्फ बंटी है। यह सभी चेस्ट से कैश हासिल करके एटीएम में डालते थे। इन्होंने साल 2014 से घपलेबाजी शुरू कर दी थी। कम कैश डालकर एटीएम में पूरा कैश लोड करने वाले कंपनी के हेडक्वार्टर को सूचित कर दिया जाता था।
नवंबर 2016 में नोटबंदी के समय तक आरोपी घपलेबाजी करके करीब 19 लाख की हेराफेरी कर चुके थे। बाद में इन्होंने यह पैसा इकट्ठा करके दोबारा एटीएम में डाल दिया था। दोबारा साल 2017 से अपने पहले वाले तरीके के साथ एटीएम में लोड करने वाला कैश खुर्द-बुर्द करना शुरू कर दिया। पड़ताल में अब तक करीब 70 लाख तक का घपला सामने आया है।
अब पीएनबी के आठ एटीएम में आरोपी कैश डालते थे, वह बंद हो रहे थे। इस पर इन एटीएम की राशि करीब 36 लाख 50 हजार रुपये घट रही थी। यह इनको जमा करानी थी, यह राशि न होने की सूरत में आरोपियों ने 16 मार्च को एटीएम में 27 लाख रुपये डालने की एंट्री तो दिखा दी लेकिन कैश डाला नहीं गया। इसके बाद उसी रात पहले से ही तोड़े जा रहे एटीएम में भेष बदलकर एटीएम को पूरी तरह से तोड़ दिया और कैश वाली ट्रे बाहर निकाल दीं और एटीएम में बाकी पड़ा कैश भी चोरी कर लिया।
एसएसपी ने बताया डीजीपी ने मामले को हल करने वाली पुलिस टीम को 50 हजार का नगद पुरस्कार व डीजीपी डिस्क के साथ सम्मानित करने का एलान किया है। साथ ही डीजीपी के जरिए बैंक अथॉरिटी को लिखा जा रहा है कि बैंक के उच्चाधिकारियों की निगरानी में ऑडिट कराया जाए और बैंकिंग के सिस्टम में सुधार लाया जाए।