जाली दस्तावेज बनाकर फौज में युवाओं की भर्ती कराने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके पास से पुलिस और सिविल विभाग के अलग अलग अधिकारियों की 63 मोहरें, आठ लाख रुपये एक आई ट्वेंटी कार और दो लैपटॉप भी मिले। यह राशि इन्होंने पुलिस को रिश्वत देने के लिए रखी थी।
जानकारी के अनुसार आरोपी थाना सिटी के सांझ केंद्र में वेरिफिकेशन कराने गए थे। वहां तैनात महिला पुलिस मुलाजिम को इन पर शक हुआ तो इन्हें काबू कर लिया गया। इनमें पास एसएसपी के अलावा, जिला मजिस्ट्रेट, तहसीलदार, एसएचओ, पार्षद आदि की नकली मोहरें थीं। पुलिस अब इनके बैंक खातों की भी छानबीन कर रही है।
फौज के क्लर्क भी जांच के घेरे में
एसएसपी स्वप्न शर्मा ने बताया कि पांचों के खिलाफ केस दर्ज लिया गया है। इसके अलावा लुधियाना, पटियाला और फिरोजपुर में फौज के भर्ती केंद्रों के क्लर्कों को भी जांच के घेरे में लिया जाएगा। पकड़े गए गिरोह के सदस्य तीन से पांच लाख रुपये फौज में भर्ती कराने के लिए लेते थे। वे युवाओं के जाली रिहायशी सर्टिफिकेट भी बनाते थे।