संजय गुप्ता ऊर्फ बकरा की हत्या का बदला लेने के लिए की डोगरा की हत्या
पूछताछ में पता चला कि गैंगस्टर राजेश डोगरा की हत्या गैंगस्टर संजय गुप्ता ऊर्फ बकरा की हत्या का बदला लेने के लिए की गई थी। बकरा गैंग ने ही पूरी साजिश रची थी। राजेश डोगरा ने वर्ष 2006 में गैंगस्टर संजय गुप्ता उर्फ बकरा की हत्या की थी। बाद में अनिल सिंह उर्फ बिल्ला बकरा गैंग का मुखिया बन गया। बकरा की हत्या का बदला लेने के लिए बिल्ला वर्ष 2015 से राजेश डोगरा को मारने की योजना बना रहा था। इसके लिए उसने पंजाब, यूपी और उत्तराखंड से नामी गैंगस्टरों से संपर्क किया था।
अब तक कि पूछताछ में पता चला है कि रोजश डोगरा की हत्या करवाने के लिए बिल्ला अब तक करीब एक करोड़ रुपये से ऊपर की राशि खर्च कर चुका है। यह राशि बिल्ला ने जम्मू में फिरौती मांगकर इकट्ठी की थी। उसने यह राशि हत्यारों की ठहरने, गाड़ियों व हथियारों पर खर्च की।
एक दिन पहले मोहाली आ गए थे हमलावर
राजेश डोगरा अपने दो साथियों के साथ स्कॉर्पियो से जम्मू से मोहाली आया था। दिल्ली के रास्ते उसे आयोध्या जाना था। राजेश दो दिन से खरड़ के होटल में रुका हुआ था। राजेश के दोस्त संदीप सिंह राजा ने उसे सेक्टर-67 में सीपी मॉल के बाहर मिलने बुलाया था। पूछताछ में सामने आया है कि राजेश मॉल में गया ही नहीं था उसे राजा ने फोन कर सड़क पर बुलाया था। राजा बकरा गैंग के सरगना बिल्ला से मिला था। उसी ने राजेश के मोहाली में होने की सूचना बिल्ला को दी थी।
प्लान अनुसार बिल्ला ने एक दिन पहले ही हमलावरों को मोहाली बुला लिया था और चार मार्च को सुबह से सभी योजना के मुताबिक, सीपी मॉल के आसपास मौजूद थे। जैसे ही राजेश सड़क पर पहुंचा कार से निकलकर हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर राजेश की हत्या कर दी। राजेश की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस के अनुसार मौके पर 25 से 30 राउंड फायरिंग हुई थी। पुलिस को मौके से 19 कारतूस के खोल मिले थे।
तीन गाड़ियां मोहाली में छोड़ फार्च्यूनर में यूपी भागे थे हमलावर
आरोपियों से पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल जम्मू नंबर की एक फार्च्यूनर व क्रेटा कार, चंडीगढ़ नंबर की इनोवा व हिमाचल नंबर ब्रेजा कार बरामद की है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि हत्या के बाद हमलावर क्रेटा, इनोवा व ब्रेजा कार को मोहाली में ही छोड़कर फार्च्यूनर से यूपी भागे थे। ब्रेजा गाड़ी बिल्ला के परिवार की है जबकि इनोवा गाड़ी चंडीगढ़ के जाली एड्रेस पर खरीदी गई थी।
हमलावरों ने गाड़ियों पर जाली नंबर लगा रखे थे। पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि हमलावरों से जो पिस्टल बरामद हुए हैं वह भी लाइसेंसी हैं लेकिन जाली एड्रेस पर लिए गए हैं। एसएसपी मोहाली संदीप गर्ग ने बताया कि इस मामले में संदीप सिंह राजा की गिरफ्तारी बाकी है। वहीं वारदात के समय राजेश डोगरा के साथ मौजूद दोनों साथी भी अभी शक के दायरे में हैं।
सभी हमलावर हिस्ट्रीशीटर, 2015 में बिल्ला का प्लान हो गया था फेल
एसएसपी डॉ. संदीप गर्ग ने बताया कि 41 वषीर्य राजेश डोगरा पर 16 मामले दर्ज थे, जिसमें हत्या के मामले ज्यादा हैं। संजय गुप्ता उर्फ बकरा की हत्या में वह 13 साल की जेल काटकर 2023 में बाहर आया था। अनिल बिल्ला तभी से उसकी हत्या का प्लान बना रहा था। वर्ष 2015 में राजेश डोगरा पैरोल पर जेल से बाहर आया था। उस दौरान भी उसे मारने की साजिश रची गई थी लेकिन हमलावरों को कोई मौका हाथ नहीं लगा।
राजेश दोबारा जेल चला गया तो बिल्ला की प्लानिंग फेल हो गई। मुखबिरी करने वाला संदीप सिंह राजा भी हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ भी 8 से 10 मामले दर्ज हैं। वहीं बकरा गैंग के मुखिया बिल्ला पर भी 8 मामले कत्ल और चार मामले फिरौती व इरादा कत्ल के दर्ज हैं।
हत्या में सात तरह के हथियारों का हुआ इस्तेमाल
एसएसपी संदीप गर्ग ने बताया कि राजेश डोगरा की हत्या में सात तरह के हथियारों का इस्तेमाल हुआ था। बदमाशों से छह हथियार बरामद हुए हैं। इनमें .45 बोर की एक पिस्टल, .30 बोर की एक पिस्टल, .32 बोर की एक पिस्टल, .32 बोर के दो रिवॉल्वर, 12 बोर की एक पंप एक्शन गन और 71 कारतूस शामिल हैं। एसएसपी ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए चलाए गए ऑपरेशन को एसपी (जांच) ज्योति यादव, स्पेशल ब्रांच व क्रिमिनल इंटेलीजेंस के डीएसपी गुरशेर संधू व इंस्पेक्टर शिव कुमार इंचार्ज स्पेशल स्टॉफ व उनकी टीम ने पूरा किया।