झंझाडी गांव में किराना की दुकान पर काम कर रहे एक परिवार के तीन सदस्यों पर दो नकाबपोशों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाई। पड़ोसियों को आता देख बदमाश क्रेटा गाड़ी में सवार होकर फरार हो गए। शहर के निजी अस्पताल में तीनों घायलों का इलाज चल रहा है। गोली लगने वाले युवक कपूर उर्फ गोल्डी पर विकास दादूपुर की हत्या से पहले रेकी करने का आरोप है।
इसी आरोप में पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। कुछ दिन पहले ही वह जमानत लेकर बाहर आया था। गोल्डी के अलावा उसके पिता जयभगवान और चाचा धर्मबीर को गोलियां लगी हैं। पूरी वारदात दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पुलिस की कई टीमें बदमाशों की तलाश में जुट गई हैं।
सीसीटीवी के अनुसार शाम के 6:34 बजे क्रेटा गाड़ी से दो युवक उतरकर किराना की दुकान में जाते हैं। दोनों अपने मुंह को कपड़े से ढका हुआ था। इस दौरान दुकान पर कोई भी ग्राहक नहीं था। नकाबपोशों ने गोलियों की बौछार कर दी। गोलियों लगने के बाद जयभगवान काउंटर को क्रॉस करके सीढ़ियां तक बाहर आता है जबकि गोल्डी काउंटर पर और धर्मबीर काउंटर के पीछे जमीन पर गिर जाता है।
गोलियों की आवाज सुनकर पड़ोसी बाहर आए और शोर मचाने लगे तो दोनों आरोपी उसी गाड़ी में बैठकर हाइवे की तरफ फरार हो गए। पड़ोसी रणबीर ने पुलिस कंट्रोल में फोन करके सूचना दी। साथ ही तीनों को उठाकर निजी अस्पताल में पहुंचाया। जहां पर डॉक्टरों ने गोल्डी को पेट व जांघ, धर्मवीर को छाती, पेट व सिर और जयभगवान को कुल्ले पर एक गोली लगी हुई बताई। गोल्डी व धर्मवीर की हालत को गंभीर बताया गया है।
पुलिस मामले की गहनता से जांच की जा रही है। सीसीटीवी चेक किए हैं। डीवीआर को कब्जे में ले लिया है। इससे आरोपियों की पहचान करके जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। नाकाबंदी की गई है। एफएसएल टीम ने मौके से नमूने लिए है। -राजीव कुमार, डीएसपी करनाल।