पंजाब के भाजपा नेता व पूर्व मुख्य संसदीय सचिव राज खुराना समेत तीन लोग रिश्वत मामले में वीरवार को सीबीआई जज विमल कुमार की अदालत में पेश हुए।
मामले की सुनवाई के दौरान शेडो गवाह दीपक जैन के बयान दर्ज हुए। बयानों में दीपक जैन ने बताया कि रिश्वत का ट्रैप राज खुराना के सेक्टर-39 स्थित कोठी पर लगाया गया था।
रिश्वत दविंदर गिल ने मनप्रीत सिंह से ली थी और उस समय राजखुराना भी मौजूद थे। राजखुरान की कोठी के अंदर खड़ी गिल की गाड़ी से 15 लाख कैश और एक करोड़ 35 लाख के नौ चेक बरामद हुए थे।
ट्रैप के दौरान शिकायतकर्ता और सीबीआई द्वारा की गई विडियो रिकार्डिंग में राजखुराना और दविंदर गिल की पहचान की गई। इसके अलावा वाइस रिकार्डिंग में शेडो गवाह दीपक जैन ने शिकायतकर्ता मनप्रीत और दविंदर गिल की आवाज को पहचाना। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 7 मई को तय की है।
पंजाब मैकेनिक एसोसिएशन के महासचिव मनप्रीत सिंह से पांच मई 2011 को सीबीआई का शिकायत दी थी कि राजपुरा के बिशनगढ़ की 14 किले जमीन का मामला निपटाने के लिए दविंदर सिंह ने डेढ़ करोड़ रुपये रिश्वत मांग रहा है।
गिल ने मामला रफा दफा करने के लिए मनप्रीत सिंह की बात मोबाइल फोन पर पंजाब के भाजपा नेता व पूर्व मुख्य संसदीय सचिव राज खुराना से करवाई थी।
खुराना ने डेढ़ करोड़ रुपये लेकर चंडीगढ़ सेक्टर-39 स्थित सर्किट हाउस के मकान नंबर 925 में दविंदर के साथ आने को कहा। वहां मनप्रीत सिंह ने 15 लाख रुपये कैश और नौ चेक (एक करोड़ 35 लाख के चेक) दविंदर सिंह के हवाले कर दिए।
रुपये लेकर दविंदर सीधा राज खुराना की कोठी में गया। उसी समय सीबीआई ने कोठी में छापा मारकर दोनों को पकड़ लिया था। बाद में जांच के दौरान सीबीआई ने एक मंत्री के पीए भाग सिंह को भी गिरफ्तार किया था।