एसएचओ ने बताया कि जांच में सामने आया है कि भिवानी के दाग कलां गांव की रहने वाली मुनेश की शादी खरैंटी गांव के ट्रैक्टर चालक नसीब के साथ हुई थी। मार्च में मुनेश ने बेटी को जन्म दिया था। लेकिन नसीब बेटी नहीं चाहता था। वह चाहता था कि उसके परिवार में बेटा हो। इसको लेकर कई बार दोनों में झगड़ा हुआ। 24 अप्रैल की रात भी 11 बजे तक दंपति में कहासुनी हुई।
नसीब ने कहा था कि उसने बेटे को जन्म नहीं दिया, जिसके कारण वह बेटी की हत्या कर देगा। हालांकि, उस समय मामला शांत हो गया और दोनों सो गए। करीब तीन बजे नसीब बेड से उठा और बच्ची को आंगन में ही पानी से भरे रहे ड्रम में डुबो कर मार दिया।
पुलिस को इन कारणों से नसीब पर हुआ शक
बच्ची की मौत के बाद उसका पिता लगातार हत्या की बात कह रहा था, जबकि हत्या किसने की, वह नहीं बता पा रहा था। इसी दौरान पुलिस को पिता पर ही शक हुआ। पुलिस लगातार आरोपी पर नजर रख रही थी। पत्नी से दो दिन पूर्व फिर से पति का झगड़ा हुआ तो पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो नसीब ने वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया।
इसके अलावा दूसरा कारण यह रहा है कि जिस स्थान पर पानी का ड्रम रखा था उसकी दूरी बेड से काफी थी। तीसरा कारण पुलिस के सामने आरोपी का बार-बार बयान बदला जाना रहा। कभी रात में 11 तो कभी 12 या फिर 1 बजे पत्नी के साथ सोने की बात कह रहा था।