कर्ज ने एक और किसान की बलि ले ली। 46 वर्षीय मलकीत सिंह ने अपने पशुओं के तबेले में लोहे की जंजीर से फांसी लगा ली। मलकीत पर सहकारी, सरकारी एवं निजी बैंकों के अलावा आढ़तियों का 15 लाख से अधिक का कर्ज था।
इसके अलावा उसने डेढ़ साल पहले ट्रैक्टर भी लोन पर लिया था। कर्ज चुकाने में असमर्थ किसान कई दिन से मानसिक तौर पर परेशान था। बताया जाता है कि ट्रैक्टर की कई किस्तें टूट चुकी थीं। थाना सुधार में मलकीत के बड़े बेटे गुरप्रीत सिंह के बयान पर मामला दर्ज किया गया है। गुरप्रीत के अनुसार लेनदार पैसे के लिए उन पर लगातार दबाव बना रहे थे।
गुरप्रीत ने कहा कि उनके पिता मलकीत पर बैंकों और आढ़तियों का 15 लाख से अधिक का कर्ज था। पैसे के लिए लेनदार लगातार दबाव बना रहे थे। किस्तें टूटने के कारण लोन कंपनी ने कानूनी नोटिस देकर ट्रैक्टर उठा कर ले जाने की धमकी भी दी थी।
उनकी जमीन पर कर्ज था, बाद में पिता ने उक्त जमीन को अन्य किसान के पास गिरवी रख दिया था। अब कर्ज उतारना लगभग नामुमकिन हो गया था। गुरप्रीत ने कहा कि सब मिलकर भी कर्ज नहीं उतार पा रहे थे।
गुरप्रीत ने कहा कि पिछले पंद्रह-बीस दिन से उनके पिता काफी परेशान थे। सोमवार को सुबह मलकीत नहाकर गुरुद्वारे माथा टेकने चले गए। गुरुद्वारा से साढ़े सात बजे वापस आए। दस मिनट किसी के घर जाकर आने की बात कह कर वे चले गए। जब एक घंटे तक पिता नहीं आए तो उनकी तलाश शुरू की गई।
तबेले में जाते ही उसने पिता का लटकता हुआ शव देखा। साथ ही घर में कोहराम मच गया। गांव के पूर्व सरपंच गुरबख्श सिंह, मौजूदा सरपंच अवतार सिंह समेत सभी लोगों ने सरकार से मांग की है कि परिवार को मुआवजा दिया जाए।