पीजीआई व अन्य अस्पतालों से सात और फर्जी एंबुलेंस जब्त कीं।
पुलिस की शहर में फर्जी व बिना परमिशन के चल रही एंबुलेंस के खिलाफ तीसरे दिन भी कार्रवाई जारी रही। पुलिस ने शनिवार को पीजीआई व अन्य अस्पतालों से सात और फर्जी एंबुलेंस जब्त कीं।
पुलिस मरीजों व शव को लाने ले जाने वाले फर्जी एंबुलेंस चालकों पर नके ल कसती जा रही है। सेक्टर 11 पुलिस स्टेशन के एसएचओ नरिंदर पटियाल ने बताया कि पुलिस ने पीजीआई के बाद कई दूसरे अस्पतालों और अन्य जगहों से भी फर्जी एंबुलेंस जब्त की गई हैं। हालांकि अब तक इस मामलम में अभी तक किसी कीगिरफ्तारी नही हो पाई है। तीसरे दिन पुलिस की कार्रवाई में मनीमाजरा, अस्पताल, खुड्डा लाहौरा, सेक्टर 15 की पार्किंग से सात एंबुलेंस जब्त की है। इस तरह पुलिस अब तक बगैर अनुमति कुल 12 एंबुलेंस कब्जे में ली है।
टेंपोरेरी एंबुलेंस भी पकड़ी गई
पुलिस ने कई टेंपोरेरी नंबर वाली एंबुलेंस भी पकड़ी है। एसटीए से उनकी वेरिफिकेशन कराई जा रही है। इसके बाद ही पुलिस गिरफ्तारी का कदम उठाएगी। पुलिस की कार्रवाई के बाद से फर्जी एंबुलेंस चालकों ने गाड़ियां अलग अलग जगहों पर छुपानी शुरू कर दी हैं। पुलिस ने इस मामले में इंडियन रेड क्रास सोसाइटी के डाक्टर अश्विनी खन्ना की शिकायत पर अज्ञात ट्रांस्पोर्टरों के खिलाफ प्राइवेट गाड़ियां एंबुलेंस के तौर पर इस्तेमाल कर मरीजों के साथ धोखाधड़ी करने का केस दर्ज किया है।
यह था मामला
पुलिस ने पीजीआई में एंबुलेंस सेवा देने वाले दो गुटों में मारपीट की शिकायत के बाद कार्रवाई करते हुए तीन एंबुलेंस चालकों को गिरफ्तार किया था। आरोपी बिना किसी परमिशन के पीजीआई में एंबुलेंस चला रहे थे। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी मान ग्रुप के कारिंदे हैं। उन्होंने माता मनसा देवी भंडारा कमेटी के चालकों से मारपीट की थी। पुलिस ने इनकी दो एंबुलेंस गाड़ियां भी जब्त कर ली थीं।