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14 करोड़ के हीरों की फर्जी लूट का मामला, दूसरा सरकारी गवाह भी कोर्ट में पलटा

Tue, 21 Mar 2017 09:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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- फोटो : Demo Pic
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सेक्टर-17 स्थित फॉरेवर डायमंड शोरूम में 14 करोड़ के हीरों की फर्जी लूट के मामले में ट्रायल के दौरान दूसरा सरकारी गवाह भी अदालत में बयान से पलट गया। दूसरे गवाह के तौर पर सोमवार को शोरूम मैनेजर अजय कुमार के बयान हुए। हालांकि, उसकी गवाही पूरी नहीं हो सकी और अदालत ने शेष बयान दर्ज कराने के लिए 19 मई की तारीख तय की है।
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सोमवार को दर्ज कराए बयान में शोरूम मैनेजर अजय कुमार ने कहा कि शोरूम मालिकों ने शोरूम में लूट के लिए कोई योजना नहीं बनाई थी। शोरूम में जो लूट हुई थी वह असली लोगों ने की थी। वह उन अज्ञात लोगों को नहीं जानता। जो कुछ भी हुआ वह असल में हुआ था।

बता दें कि इससे पहले अजय ने धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयान में कहा था कि लूट पूरी तरह फर्जी थी। शोरूम से सारी ज्वैलरी, हीरे, सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर और अन्य सामान दोनों मालिक 30 अप्रैल 2016 को ही ले गए थे। उसके अनुसार, दोनों मालिकों ने कर्मचारियों को धमकाया था कि वह पुलिस को कुछ न बताएं। वहीं ट्रायल के पहले ही दिन पुलिस के सबसे अहम सरकारी गवाह बनाए गए सेक्टर-37 स्थित ज्वैलरी शॉप का मालिक हितेश अरोड़ा भी बयान से मुकर चुका है। उसने अदालत में फॉरेवर डायमंड के मालिक रजनीश वर्मा और विनोद वर्मा को किसी भी तरह के फर्जी बिल उपलब्ध करवाने से इंकार कर दिया था। अरोड़ा ने कहा था कि वर्मा बंधुओं ने उनकी दुकान से कुछ ज्वैलरी खरीदने की बात कही थी, उसकी एवज में उन्होंने उन्हें रफ एस्टीमेट दिया था। अरोड़ा के मुताबिक फर्जी और पिछली तारीख के जो बिल उसकी राइटिंग में होने की बात पुलिस ने कही थी, वह उसने नहीं दिए थे।
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ये है मामला

हीरा - फोटो : Demo Pic
ये है मामला
आरोप के अनुसार, सेक्टर-17 स्थित फॉरएवर डायमंड्स शोरूम के मालिकों ने 10 करोड़ रुपये के इंश्योरेंस क्लेम को पाने के लिए एक मई 2016 को लूट का ड्रामा रचा था। मामले की शुरुआत में विनोद वर्मा व रजनीश वर्मा ने पुलिस को शिकायत दी थी कि एक महिला समेत तीन लुटेरे गन प्वाइंट पर करोड़ों के डायमंड लूट कर ले गए।

लूट के आरोपी शोरूम के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे। पुलिस ने अपनी जांच के बाद इस लूट को फर्जी पाते हुए शोरूम मालिकों की गिरफ्तारी की थी। इसके बाद तीन अन्य आरोपियों को पुलिस ने दबोच लिया था।

एक अक्तूबर को शोरूम मालिकों रजनीश वर्मा और विनोद वर्मा के अलावा सेक्टर-49 निवासी वैभव वर्मा, जीरकपुर के अंकुर जौली और मलोया की शिवानी के खिलाफ धोखाधड़ी के प्रयास, जालसाजी, आपराधिक साजिश रचने व सबूत मिटाने की धाराओं में आरोप तय किए थे।
 
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