मौके पर एएसओ जयवीन शर्मा गए और फर्जी डॉक्टर को लेकर कंट्रोल रूम आ गए। यहां युवक ने पहले तो स्वयं को डॉक्टर साबित करने का प्रयास किया, लेकिन फंसता देख माफी मांगनी शुरू की। फर्जी डॉक्टर के साथ आई महिला अन्नू ने बताया कि वह तो उसे डॉक्टर ही समझती है, वह निजी अस्पताल में मिलता है। पकड़ा गया युवक इंजेक्शन लगाने के साथ ग्लूकोज आदि भी चढ़ाता है।
गौरतलब है कि पकडे़ गए युवक के पास डॉ. पीएस दलाल का विजिटिंग कार्ड मिला और इसके अलावा पुलिस का प्रशंसापत्र भी मिला है। बताया गया है कि आरोपी रोहतक के उत्तम विहार का रहने वाला है। इससे पहले संस्थान में दो और फर्जी डॉक्टर पकडे़ गए हैं, इसमें एक रोहतक से व एक चरखी दादरी से था। दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।
पहचान पत्र और डॉक्टरों के लिए एप्रिन पहनना अनिवार्य करना बना वरदान
पीजीआईएमएस प्रशासन ने संस्थान के कर्मचारियों के लिए और डॉक्टरों के लिए पहचान पत्र रखना और एप्रिन पहनना अनिवार्य किया हुआ है। यही नियम सुरक्षा गार्डों के लिए वरदान बना हुआ है। इसके माध्यम से वह फर्जी लोगों पर निगाह रखते हैं।
बोले अधिकारी
संस्थान में आने वाले मरीज किसी के बहकावे में न आएं। जल्दी दिखाने या सीनियर डॉक्टर से उपचार कराने का दावा करने वाले दलालों से बचें। यदि कोई ऐसा कहकर गुमराह कर रहा है तो उसकी शिकायत प्रशासन को करें। संस्थान में शरारती तत्व आते हैं जो भोले भाले मरीजों को ठगते हैं, इनकी सूचना प्रशासन से जरूर करें। शुक्रवार को तीसरा फर्जी डॉक्टर पकड़ा गया है। - डॉ. संदीप, डीएमएस, पीजीआईएमएस
फर्जी डॉक्टर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। शनिवार को उसे अदालत में पेश किया जाएगा। -नायब सिंह थाना प्रभारी पीजीआई, रोहतक।