23 वर्षीय हेमंत अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी एक बहन है। उसने कपड़े की दुकान खोली हुई थी। पिता अजीत की सारी जिम्मेदारी बेटे पर ही निर्भर थी। बेटे का काम ठीक चल गया था। घर का इकलौता चिराग होने के कारण पिता के अलावा उसकी मां व बहन का रो-रोकर बुरी हाल है। कमोबेश यही हालत अभिलाष के परिजनों की भी हो रही। दो भाइयों में अभिलाष बड़ा था।
एक साथ जलीं दो चिताएं और गमगीन हुईं सभी की आंखें
सड़क हादसे का शिकार हुए हेमंत व अभिलाष की मौत के बाद शुक्रवार को गांव मनेठी में उनका अंतिम संस्कार किया गया। शव यात्रा में गांव सहित आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग मौजूद थे। जिस वक्त उनका अंतिम संस्कार किया गया, हर आदमी आंखें गमगीन थी। गांव में सन्नाटा पसरा हुआ था और कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं था।
कुंड पुलिस चौकी प्रभारी बिरेन्द्र सिंह ने बताया कि ओवरलोड डंपर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिए गए हैं। आरोपी चालक की तलाश की जा रही है।