भले ही सोपू नेता लारेंस बिश्नोई पुलिस की पकड़ से भागने में कामयाब रहा है। लेकिन जब तक वह रोपड़ जेल में बंद था। उस समय भी उसके ठाठ शाही थे। वे लगातार फेसबुक एकाउंट पर एक्टिव था।
नए साल की बधाई हो या फिर लोहड़ी की मुबारकबाद उसने अपने दोस्तों को फेसबुक के माध्यम से दी हैं। जबकि लोहड़ी के बाद से उसका कोई भी फेसबुक अकाउंट सक्रिय नहीं है। इसके अलावा पेशी के दौरान उसे वीआईपी ट्रीटमेंट मिलना भी नहीं बात नहीं है। हालांकि इस बारे में पुलिस अधिकारी कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक फेसबुक पर लारेंस बिश्नोई के नाम से करीब दस पेज बने हैं। इसके अलावा उसके कई फैन पेज भी हैं। इनमें उसके सैकड़ों प्रशंसक है। सभी एकाउंट पर उसकी हर पेशी से लेकर जेल के अंदर की उसकी फोटो शेयर जाती रही है। इसके अलावा वह समय समय पर शायरी के माध्यम से भी बातें करता रहता है।
रोपड़ पुलिस के दामन पर दाग
लोहड़ी पर लारेंस के एक फेसबुक पेज पर बधाइयां काफी अलग तरीके से दी थी। उसने साथियों सहित एक फोटो अपलोड की थी। साथ ही उस पर लिखा था ‘अंदाज कुछ अलग है मेरे सोचने का, सभी को मंजिल का शौक है और मुझे रास्तों का’। इससे पहले दस जनवरी को लारेंस ने एक अन्य साथी के साथ अपनी फोटो पोस्ट की थी। जिसका पर लिखा था जिंदा रहना है तो हालात से डरना कैसा...जंग लाजिमी हो तो लश्कर नहीं देखे जाते हैं।
जब भी लारेंस की अबोहर अदालत में पेशी होती थी। तो उसे वह अपनी रैली के रूप में लेता था। दिसंबर महीने में जब उसकी पेशी थी। तो उसने फेसबुक एकाउंट पर पोस्ट किया था कि दोस्तों कल अबोहर रैली है। इसलिए बढ़कर रैली में पहुंचना जी।
लारेंस के साथ फोटो करवाकर अपनी प्रोफाइल में लगाने के लिए उसके दोस्त भी पीछे नहीं थे। कई दोस्तों ने पेशी के दौरान आते ले जाते समय उसके संग फोटो करवाई थी। वहीं, पेशी के दौरान जब लारेंस को पुलिस कर्मी लेकर आते थे। उन्हें हमेशा थोड़ा आगे पीछे चलता पड़ता था।
रोपड़ पुलिस के मुलाजिमों से पेशी के दौरान किसी आरोपी के भाग जाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले विकास चंडीगढ़ से भाग गया था।
वीरेंद्रपाल सिंह, एसएसपी रोपड़ ने बताया कि आरोपी का फेसबुक अकाउंट लगातार अपडेट हो रहा है इसकी जानकारी नहीं है। अगर ऐसा पाया गया तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।