शातिर ने सुनील को इस कदर जाल में फंसाया कि वह फिर वापस निकल ही नहीं सका। रजिस्ट्रेशन फीस जमा कराने के बाद उसे लाइसेंस दिलाने की बात कहकर 24600 रुपये खाते में ट्रांसफर कराए गए। धीरे-धीरे यह नकदी बढ़ती चली गई। आरोपी कभी सवा लाख तो कभी 5-5 लाख रुपये खाते में डलवाने लगे। दो बार उससे 6-6 लाख रुपये भी डलवाए। इतनी मोटी रकम सुनील झांसे में फंसकर ट्रांसफर कराता चला गया।
शातिर ने सुनील को कई तरह से उलझाकर रखा। पहले उसे पॉलिसी चेंज होने की बात की और फिर उसे मेडिकल कराने के नाम पर ठगा। इतना ही नहीं शातिर ने उसे प्लेयब्वॉय एग्रीमेंट के नाम पर ठगा। 30 लाख रुपये से ज्यादा की राशि शातिर के पास भेजने के बाद भी उसके पास एक फूटी कौड़ी वापस नहीं आई तो सुनील ने कॉल करने वाले शातिर से अपने पैसे वापस मांगे तो शातिर ने कहा कि इसके लिए अपको नो क्लेम एग्रीमेंट बनवाना होगा और इसकी एवेज में 15 लाख रुपये देने होंगे। तभी आपके पैसे वापस आ सकते है।
सुनील ने अपने ही गांव के दोस्त वेद प्रकाश से 10 लाख रुपये उधार लिए और फिर किसी राहुल गुप्ता नाम के व्यक्ति के अकाउंट में यह नकदी डलवा दी। इस तरह सुनील ने 40 लाख 30 हजार 650 रुपये शातिर के अकाउंट में डलवा दिए। इतनी मोटी रकम ठगने के बाद भी शातिर उसे उलझाता रहा लेकिन सुनील को जब अभास हुआ तब तक काफी देर हो चुकी थी। सुनील ने सारी बैंक डिटेल्स के साथ साइबर थाना पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।