सीबीआई ने इंप्लाइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (ईपीएफओ) के दो अधिकारियों को दो लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। दोनों अधिकारी विचित्तर सिंह और विजय रावत ईपीएफओ में इनफोर्समेंट अफसर हैं। दोनों को मुंबई की एक फर्म की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया है।
सोमवार को दोनों अधिकारियों के ऑफिस व आवास पर छापेमारी की गई। सीबीआई ने बताया कि एक शिकायत के आधार पर भ्रष्टाचार की रोकथाम अधिनियम की धारा-7 के तहत 1988 में एक केस दर्ज किया गया था। मंगलवार को दोनों आरोपियों को सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।
सीबीआई की प्रवक्ता ने कहा कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसने श्रम मामलों को लेकर विभिन्न निजी फर्मों से एक कांट्रैक्ट किया था, जिसमें मोहाली की एक फर्म भी शामिल थी।
इसके बाद दोनों प्रवर्तन अधिकारियों ने मोहाली की फर्म का दौरा किया और उससे कुछ रिकॉर्ड वेरिफिकेशन के लिए जमा करने के निर्देश दिए। दोनों अधिकारियों ने मोहाली की इस कंपनी के कर्मचारियों के पीएफ जमा करने का ब्योरा मांगा था।
शिकायतकर्ता के मुताबिक दोनों अधिकारियों ने उसे फोन किया और फर्म के रिकॉर्ड की जांच उसके पक्ष में करने के लिए चार लाख रुपये की मांग की। आरोपियों ने दो लाख रुपये पहली किश्त के रूप में लेने की बात स्वीकार कर ली थी। आरोपियों ने पीड़ित को रिश्वत की रकम लेकर सेक्टर-17 के ऑफिस के पास ही बुलाया।
सूत्रों के अनुसार सोमवार सुबह सीबीआई ने करीब 11 बजे सेक्टर-17 स्थित ईपीएफओ ऑफिस के पास ट्रैप लगाया और जैसे ही आरोपियों ने पैसा पकड़ा, दोनों को घूस की रकम के साथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद सीबीआई उनको ईपीएफओ ऑफिस लेकर गई और वहां उनके कैबिन की भी सर्च की।
उसके बाद सीबीआई ने उनके घरों में भी सर्च की। मामले में शिकायतकर्ता फर्म कई शहरों के प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारियों के भविष्य निधि से जुडे़ मामलों को देखती है।