एसटीएफ के आईजी आरके जयसवाल ने मीडिया से बताया की उनकी टीम को एक गुप्त सूचना मिली थी कि दो नशा तस्कर अमृतसर से सीमावर्ती कस्बा लोपोके की तरफ जा रहें है। इन दोनों के पास हेरोइन की बड़ी खेप होने की संभावना है। गावं कोहाली के नजदीक दोनों तस्करों को मोटर साइकिल को रोकने का इशारा एसटीएफ के जवानों ने किया।
मोटर साइकिल के पीछे बैठे करणबीर सिंह ने एसटीएफ जवानों पर अपनी रिवाल्वर से फायरिंग शुरू कर दी। एसटीएफ के जवानों ने भी जवाबी फायरिंग की। इसी दौरान करणबीर सिंह की फायरिंग में सिपाही गुरुसेवक सिंह गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। जवानों ने करणदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उसका साथी शेरा भागने में सफल हो गया।
घायल जवान गुरुसेवक को अमृतसर के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। आईजी जयसवाल के अनुसार करणबीर सिंह ने अपनी कमर में एक किलो हेरोइन बांधी हुई थी। उसे जिस रिवाल्वर से उसने एसटीएफ टीम पर गोलियां चलाई है। वह रिवाल्वर उसके पिता है। एसटीएफ ने करणबीर सिंह व शेरा के विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शेरा की गिरफ्तार के लिए एसटीएफ ने सीमावर्ती गावों में कई जगह छापामारी की है।