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देश में पाकिस्तानी आतंकियों को ड्रग्स, हथियार पहुंचाने वाला कुख्यात तस्कर रणजीत सिरसा से गिरफ्तार

Sat, 09 May 2020 10:20 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/ सिरसा/ नई दिल्ली
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नशा तस्कर को पकड़ने के लिए पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन - फोटो : अमर उजाला
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भारत में घुसे पाकिस्तान के आतंकियों के लिए ड्रग्स पहुंचाने वाला कुख्यात तस्कर रणजीत सिंह और उसके भाई गगनदीप उर्फ भोला को पंजाब पुलिस ने हरियाणा पुलिस तथा एनआईए के साथ संयुक्त अभियान में शनिवार अलसुबह सिरसा के बेगू गांव के एक मकान से धर दबोचा। उनके मददगार और रिश्तेदार गांव वैदवाला निवासी गुरमीत को भी सिरसा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब पुलिस के सफल ऑपरेशन पर पंजाब पुलिस की पीठ थपथपाई और डीजीपी दिनकर गुप्ता को बधाई दी। पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि उन्होंने हरियाणा के डीजीपी मनोज यादव से शुक्रवार देर रात इस जानकारी को साझा किया। इसके बाद पुलिस टीम को गांव बेगू के लिए रवाना कर दिया गया। पुलिसकर्मियों ने इस ऑपरेशन को दो टीमें बनाकर अंजाम दिया। 

उन्होंने बताया कि पंजाब पुलिस को अमृतसर में पांच मई को गिरफ्तार विक्रम उर्फ विक्की और उसके भाई मनिंदर सिंह उर्फ मनी से पूछताछ में रणजीत उर्फ चीता और उसके भाई गगनदीप उर्फ भोला के संबंध में जानकारी मिली थी। फिर इस संबंध में एनआईए की मदद से आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई गई। उनकी लोकेशन सिरसा में पता लगाने के बाद संयुक्त ऑपरेशन में दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
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532 किलो हेरोइन तस्करी में मोस्टवांटेड था चीता

नार्को आतंकी रणजीत पाकिस्तानी संगठनों के लिए भारत में ड्रग्स पहुंचाने का काम करता था और इससे मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में किया जाता था। रणजीत उर्फ चीता पंजाब में बीते साल अटारी सीमा पर अफगानिस्तान से पाकिस्तान के रास्ते नमक के बीच छिपाकर लाई गई 532 किलो हेरोइन तस्करी में मोस्टवांटेड था।  

एक ड्रग मामले की जांच में यह तथ्य सामने आया कि पाकिस्तान के आतंकी संगठन भारत में आतंकी गतिविधियों के लिए पैसे जुटाने के लिए ड्रग्स के कारोबार का इस्तेमाल कर रहे थे। तस्करी से मिलने वाले पैसे को कूरियर और हवाला के जरिये आतंकी गतिविधियों के लिए कश्मीर घाटी में भेजा जाता था।

आतंकी संगठन हिजबुल से संपर्क 
रणजीत और उसके भाई गगनदीप के आतंकी संगठनों को आर्थिक मदद करने व आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से भी संपर्क होने की बात भी सामने आई है। ये दोनों पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के नेटवर्क का हिस्सा भी माने जा रहे हैं। एनआईए ने बीते साल जून में ही रणजीत के खिलाफ केस दर्ज किया था और रणजीत समेत 15 लोगों, चार कंपनियों के खिलाफ 2019 के दिसंबर में पहली चार्जशीट दाखिल की थी। उधर, डीआईजी सिरसा ने बताया कि गुरमीत सिंह मोस्ट वांटेड गगन का रिश्ते में साढू है और उसी ने अपनी आईडी से उन्हें गांव बेगू में मकान दिलवाया था।
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पांच दिन का पुलिस रिमांड

रणजीत सिंह और उसके भाई गगनदीप सिंह को पुलिस ने देर शाम अमृतसर में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर पांच दिन का रिमांड हासिल किया। दोनों की गिरफ्तारी आतंकवादियों को फंडिंग के मामले में हुई है। अमृतसर पुलिस इन दोनों को 532 किलो हेरोइन के मामले में अलग से प्रोडक्शन वारंट पर लाएगी। सीआईए के इंचार्ज सुखविंदर सिंह रंधावा के अनुसार दोनों से पूछताछ जारी है। दूसरी तरफ एनआईए की टीम चीता व गगनदीप से 532 हेरोइन के मामले में पूछताछ करेगी। 

नार्को आतंकवाद न फैलाए पाकिस्तान: अमरिंदर
हम पाकिस्तान की हरकतों पर नजर रखे हुए हैं। कोरोना संकट के बावजूद पाकिस्तान ड्रग्स, हथियार और ड्रग से मिले पैसों से भारत को अस्थिर करने और उसकी शांति भंग करने की कोशिश में लगा है। मगर, हम उसे ऐसा नहीं करने देंगे। उसे भारत में नार्को आतंकवाद फैलाने की कोशिश बंद करनी होगी। -कैप्टन अमरिंदर सिंह, सीएम पंजाब
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