नार्को आतंकी रणजीत पाकिस्तानी संगठनों के लिए भारत में ड्रग्स पहुंचाने का काम करता था और इससे मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में किया जाता था। रणजीत उर्फ चीता पंजाब में बीते साल अटारी सीमा पर अफगानिस्तान से पाकिस्तान के रास्ते नमक के बीच छिपाकर लाई गई 532 किलो हेरोइन तस्करी में मोस्टवांटेड था।
एक ड्रग मामले की जांच में यह तथ्य सामने आया कि पाकिस्तान के आतंकी संगठन भारत में आतंकी गतिविधियों के लिए पैसे जुटाने के लिए ड्रग्स के कारोबार का इस्तेमाल कर रहे थे। तस्करी से मिलने वाले पैसे को कूरियर और हवाला के जरिये आतंकी गतिविधियों के लिए कश्मीर घाटी में भेजा जाता था।
आतंकी संगठन हिजबुल से संपर्क
रणजीत और उसके भाई गगनदीप के आतंकी संगठनों को आर्थिक मदद करने व आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से भी संपर्क होने की बात भी सामने आई है। ये दोनों पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के नेटवर्क का हिस्सा भी माने जा रहे हैं। एनआईए ने बीते साल जून में ही रणजीत के खिलाफ केस दर्ज किया था और रणजीत समेत 15 लोगों, चार कंपनियों के खिलाफ 2019 के दिसंबर में पहली चार्जशीट दाखिल की थी। उधर, डीआईजी सिरसा ने बताया कि गुरमीत सिंह मोस्ट वांटेड गगन का रिश्ते में साढू है और उसी ने अपनी आईडी से उन्हें गांव बेगू में मकान दिलवाया था।
रणजीत सिंह और उसके भाई गगनदीप सिंह को पुलिस ने देर शाम अमृतसर में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर पांच दिन का रिमांड हासिल किया। दोनों की गिरफ्तारी आतंकवादियों को फंडिंग के मामले में हुई है। अमृतसर पुलिस इन दोनों को 532 किलो हेरोइन के मामले में अलग से प्रोडक्शन वारंट पर लाएगी। सीआईए के इंचार्ज सुखविंदर सिंह रंधावा के अनुसार दोनों से पूछताछ जारी है। दूसरी तरफ एनआईए की टीम चीता व गगनदीप से 532 हेरोइन के मामले में पूछताछ करेगी।
नार्को आतंकवाद न फैलाए पाकिस्तान: अमरिंदर
हम पाकिस्तान की हरकतों पर नजर रखे हुए हैं। कोरोना संकट के बावजूद पाकिस्तान ड्रग्स, हथियार और ड्रग से मिले पैसों से भारत को अस्थिर करने और उसकी शांति भंग करने की कोशिश में लगा है। मगर, हम उसे ऐसा नहीं करने देंगे। उसे भारत में नार्को आतंकवाद फैलाने की कोशिश बंद करनी होगी। -कैप्टन अमरिंदर सिंह, सीएम पंजाब