हवलदार की पत्नी व हवलदार ने उसे चोर समझकर पहले तो घर में पीटा और फिर हवलदार उसे थाना में ले गया और वहां जमकर पिटाई की। इसके बाद 30 जून को वह उसे घर छोड़कर चले गए। गंभीर चोट लगने के कारण सोमवार को बीरा ने दमतोड़ दिया।
डेढ़ घंटे हवलदार के घर के सामने शव रखकर किया था प्रदर्शन
बीरा उर्फ रणधीर की मौत होने के बाद सोमवार को परिजनों ने उसका शव आरके पुरम मे हवलदार पवन के घर के सामने रख दिया। वहां उन्होंने जमकर प्रदर्शन किया। मौके पर थाना प्रभारी बलजीत ने परिजनों को समझाया और हवलदार पवन व उसकी पत्नी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया तब जाकर परिजन वहां से उठे। लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मंगलवार को फिर परिजनों ने सदर थाना का घेराव किया।
बीरा की बेबस पत्नी सुनीता ने बताया उसका पति दिव्यांग था। उसे अच्छे से चला भी नहीं जाता था। उसके बच्चे आशीष, साक्षी, तरूण व अजून घर में रहते थे और वह पूरा दिन दिहाड़ी करती थी। ऐसे में उसका पति बच्चों को घर में संभालता था। अब वही सहारा उससे दूर चला गया।
मृतक रणधीर का पोस्टमार्टम करा दिया है। परिजनों ने जो मांग रखी थी प्रशासन ने उन्हें पूरा करने का आश्वासन दिया है। मौत के कारणों को खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने से होगा। फिलहाल हवलदार व उसकी पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। -बलजीत सिंह, थाना प्रभारी सदर।