फेज-11 में सामने आए सेक्स रेक्ट रैकेट के तार अब चंडीगढ़ से जुड़ गए हैं। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए दलाल प्रमोद ने पूछताछ में बताया है कि मोहाली से पहले चंडीगढ़ से ही अपना नेटवर्क चला रहा था।
एक जनवरी 2015 को ही वह चंडीगढ़ से मोहाली में शिफ्ट हुआ था। इस दौरान उसने दो बार ठिकाने बदले थे। प्रमोद ने बताया है कि वह काफी समय से इस कारोबार में जुड़ा हुआ है। मूलरूप से संगरूर का रहने वाला है। जब उसके घरवालों को उसके इस धंधे का पता चला था तो उन्होंने उसे बेदखल कर दिया था।
इसके बाद उसने संगरूर को छोड़ दिया था। साथ ही ठिकाने बदलकर कारोबार शुरू कर दिया था। उसने बताया कि कारोबार के चलते उसके लिंक काफी लोगों से हो गए थे। इस कारोबार में आमदन अच्छी थी। ऐसे में उसने धंधा जारी रखा। वहीं, मामले के दो अन्य आरोपी नोनी और भूषण अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस द्वारा उन्हें काबू करने के लिए छापेमारी की जा रही है।
घरवालों की सहमति से लाते थे लड़कियों को
दलाल ने बताया कि वह जो भी लड़कियां लाते थे, उसके बारे में लड़कियों के घरवालों को पूरी जानकारी होती थी। पेमेंट लड़कियों के पैरेंट्स को ही होती थी। लड़कियां बदल-बदल कर आती थीं।
मौसम के हिसाब से बदलता था ठिकाना
दलाल ने पूछताछ में बताया था कि वह गर्मियों के दिनों में हिली एरिया में यह कारोबार चलता था। अधिकतर शिमला, हरिद्वार, कुल्लू मनाली, सोलन समेत जगह पर वह ठहरता था। जबकि सर्दियों के मौसम में वह चंडीगढ़ के आसपास ही अपना कारोबार चलाता था।
डिमांड पर लड़कियां मंगवाई जाती थीं। वहीं, पता चला है कि पुलिस द्वारा कब्जे में ली गई महिला के कई अन्य ग्रुपों से संपर्क थे। इनसे आसानी से लड़कियां मिल जाती थीं।