रामपाल को मेडिकल सर्टिफिकेट देने वाले रिटायर्ड सीएमओ एवं एमबीबीएस डॉ. ओमप्रकाश हुड्डा रामपाल को भगवान का दर्जा देता है। बरवाला पुलिस को रिमांड के दौरान डॉ. ओमप्रकाश हुड्डा ने कहा कि रामपाल कोई आम आदमी नहीं है।
हुड्डा ने कहा, जब मैंने शरीर त्याग दिया था तो रामपाल खुद मेरी आत्मा को भगवान से वापस ले आए थे और मैं जिंदा हो गया था। बुधवार को डॉ. ओपी हुड्डा को जेएमआईसी प्रतीक जैन की कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
दो दिन के पुलिस रिमांड के दौरान डॉ. हुड्डा ने बताया कि ज्ञान गंगा पुस्तक में भी उसके बारे में उल्लेख किया गया है। पुलिस की माने तो यह सब भक्तों को गुमराह करने के लिए हो सकता है।
एमबीबीएस डॉक्टर भी रामपाल का अनुयायी
ज्ञान गंगा में यह लिखा है कि एमबीबीएस डॉक्टर भी रामपाल के अनुयायी हैं। रामपाल ने साक्षात उन्हें चमत्कार कर दिखाया है। यह सब भक्तों को जोड़ने और उनकी विचारधारा बदलने के लिए लिखा गया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि ज्ञान गंगा पुस्तक और अन्य तरह की सामग्री पढ़ाकर रामपाल अपने पीछे कारवां जोड़ रहा था। आश्रम में आने वाले बहुत से लोगों ने पहले ही खुलासा किया था कि वे आरंभ में उनकी ज्ञान गंगा पुस्तक पढ़कर प्रभावित हुए थे, उसके बाद वे जब आश्रम में आए तो उन्हें फायदा हुआ।
अस्पताल में क्लीनिक चलाता था हुड्डा
पुलिस ने बताया है कि ओमप्रकाश हुड्डा सामान्य अस्पताल में सीएमओ था। उसके बाद वर्ष 2005 के आसपास वह रिटायर्ड हो गया था। जब रामपाल रोहतक के बाद जब बरवाला स्थित आश्रम में आ गया था तो हुड्डा ट्रांसफर करवाकर हिसार सीएमओ पद पर आ गया था।
राजबीर सैनी, डीएसपी बरवाला ने हुड्डा ने रामपाल द्वारा उसकी आत्मा वापस ले आने की बात कही गई है। वह आश्रम में क्लीनिक चलाता था। उसे कोर्ट में पेश कर दोबारा जेल भेज दिया गया है।