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13 साल बाद मां के आगे खुला सनसनीखेज सच

Tue, 10 Feb 2015 05:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुक्तसर(पंजाब)
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13 साल बाद एक मां के सामने एक ऐसा राज खुला कि सभी हैरत में पड़ गए। किसी ने सोचा भी नहीं था कि ऐसा भी हो सकता है। दरअसल पंजाब के मुक्तसर के गांव भुल्लर निवासी गुरतेज सिंह की पत्नी बलजीत कौर ने 27 दिसंबर 1995 को मुक्तसर के कोटकपूरा रोड स्थित नर्सिंग होम में जुड़वा बेटियों को जन्म दिया था।
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मगर अस्पताल प्रबंधकों ने एक बच्ची को गायब कर दिया। परिजन नवजन्मी एक बच्ची सुखदीप को घर लेकर लौट गए। अचानक करीब 13 साल बाद सुखदीप की बुआ रूपिंदर कौर ने मुक्तसर के बाजार में सुखदीप की हमशक्ल एक लड़की देखी। लड़की तिलक नगर में कश्मीर कौर के घर उसकी बेटी के तौर पर रह रही थी।

उसने यह बात घर पर सभी को बताई। इस दौरान जांच करने पर पता चला कि कश्मीर कौर ने अमनदीप को खुद जन्म नहीं दिया बल्कि उसी नर्सिंग होम से गोद लिया था, जहां सुखदीप का जन्म हुआ था।
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बाद में यह मामला पुलिस के पास चला गया। इस दौरान नर्सिंग होम के प्रबंधक डॉक्टर, नर्स और कश्मीर कौर ने स्वीकार किया कि यह बच्ची गुरतेज सिंह और बलजीत कौर की बेटी है।
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डॉक्टर, नर्स और बच्ची गोद लेने वाली महिला तलब

आरोपियों की स्वीकारोक्ति के बाद थाना सिटी में नर्सिंग होम के प्रबंधक डॉक्टर, नर्स और कश्मीर कौर के खिलाफ 8 सितंबर 2007 को धारा 363, 120 बी आईपीसी के तहत मामला भी दर्ज हो गया।

2011 में अदालत की मदद से गुरतेज सिंह का परिवार अपनी बेटी अमनदीप कौर को भी अपने साथ गांव भुल्लर ले गया। मगर पीड़ित परिवार को इंसाफ नहीं मिला सका। अब जाकर साल 1995 में कोटकपूरा रोड स्थित नर्सिंग अस्पताल में जन्मी दो जुड़वा बच्चियों में से एक को गायब करने के मामले में डॉक्टर, नर्स और बच्ची गोद लेने वाली महिला को चीफ जुडीशियल मजिस्ट्रेट की अदालत ने 18 फरवरी को तलब किया है।

इससे पहले गत दिनों तीनों को अदालत ने तलब किया था। इस मामले में डॉक्टर ने जमानत ले ली और अन्य भी अदालत में पेश न हुए तो दोबारा 18 फरवरी को अगली सुनवाई की तारीख डाल दी गई।
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