सीसीटीवी फुटेज में देखे गए जगदीश गगनेजा के हमलावर
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आरएसएस के प्रांत प्रमुख ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) जगदीश गगनेजा पर गोलियां चलाने वालों का पता देने वाले को बड़ा ईनाम देने की घोषणा की गई है। डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने आरोपियों के स्केच जारी कर सूचना देने वाले को दस लाख का इनाम और पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर की नौकरी देने का एलान किया है।
सूत्रों के अनुसार गगनेजा पर फगवाड़ा के हमलावरों की ओर से हमले की आशंका जताई जा रही है। इसको लेकर डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने आईजी जोनल लोकनाथ आंगरा और एसएसपी कपूरथला राजिंदर सिंह को भी अपने स्तर पर जांच के लिए कहा है। डीजीपी ने बताया कि गगनेजा पर 32 बोर और 9 एमएम की पिस्तौल से हमला हुआ था।
32 बोर यूपी और बिहार में आसानी से मिल जाती हैं, वहीं 9 एमएम की पिस्तौल मिलना मुश्किल है। यह ज्यादातर विदेश से मंगवाया जाती हैं। हमलावरों को विदेश से फंडिंग तो नहीं की गई, इसी आशंका पर एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है। वहीं यह भी जांच का विषय बन गया है कि पंजाब के कई कट्टरपंथी विदेश में हैं, जो सूबे में अस्थिरता का माहौल पैदा करने की कई बार कोशिश कर चुके हैं।
गगनेजा पर 32 बोर और 9 एमएम की पिस्तौल से हमला
आरएसएस नेता जगदीश गगनेजा पर जालंधर में गोलीबारी
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पुलिस अधिकारिक सूत्रों के अनुसार गगनेजा पर हमले में 32 बोर की पिस्तौल का इस्तेमाल हुआ है। इसमें से चार फायर किए गए। इसके अलावा एक फायर 9 एमएम की पिस्तौल से भी हुआ था। 32 बोर की पिस्तौल छह गोलियों वाली थी, जिसमें से हमलावर ने चार गोलियां ही चलाईं। उसने एक गोली के लिए 9 एमएम पिस्तौल का इस्तेमाल किया था। एसआईटी को यह खोल मिल गए हैं।
एसआईटी की जांच में कई सीसीटीवी फुटेज भी मिल गई हैं। वारदात वाले दिन जब ब्रिगेडियर गगनेजा अपनी कोठी से निकले तो उससे पहले ही हमलावर वहां पर उनकी रैकी कर रहे थे। इसकी सीसीटीवी फुटेज मिल चुकी है। गगनेजा की कोठी कैंट इलाके में होने से उन पर हमला करना नामुमकिन था, इसलिए हमलावरों ने वहां से करीब 10 किलोमीटर तक गगनेजा की कार का पीछा किया। वे ज्योति चौक तक उनके पीछे आए।
रास्ते में भी कई स्थानों की फुटेज पुलिस को मिली हैं। एसआईटी के सूत्रों के अनुसार हमला पूरी योजना तैयार कर किया गया। ऐसी आशंका है कि हमलावर फगवाड़ा इलाके की ओर से ही आए थे। फगवाड़ा में बीते दिनों काफी माहौल खराब हुआ था। वहां पर शिव सैनिकों और सिख संगठनों में काफी टकराव हुआ था। यह टकराव लगातार तीन चार बार हो चुका है, जब हिंदू संगठन और सिख समुदाय के लोग आमने सामने आ गए। ऐसे इनपुट जांच टीम को मिल गए हैं कि हमलावर फगवाड़ा इलाके की तरफ से आए थे।