देशद्रोह के आरोप में 8 दिन के रिमांड पर चल रहे प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह के करीबियों को पुलिस जल्द पूछताछ के लिए बुला सकती है। पुलिस ने उनके मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवानी शुरू कर दी है। हालांकि पुलिस का दावा है कि रिमांड अवधि में विरेंद्र सिंह ने केस से जुड़ी कोई अहम जानकारी नहीं दी है।
वहीं, विरेंद्र सिंह का नार्को टेस्ट होगा या नहीं, कोर्ट में सोमवार को इसका फैसला होगा। नार्को टेस्ट कराने के संबंध में पुलिस सुनवाई में अपना पक्ष रखेगी। इसके बाद कोर्ट फैसला देगी। हालांकि प्रोफेसर बीमारी का हवाला देते हुए नार्को टेस्ट कराने से इनकार कर चुके हैं। कोर्ट ने पुलिस से पूछा है कि आखिर पुलिस आरोपी का नाक ऱ्ो टेस्ट क्यों कराना चाहती है। एसआइटी के इंचार्ज डीएसपी पवन कुमार शर्मा का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। हालांकि अभी तक कोई महत्वपूर्ण पहलू सामने नहीं आया है।
ये है मामला
आरोप है कि पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के राजनीतिक सलाहकार रहे प्रोफेसर विरेंद्र ने जाट आरक्षण आंदोलन को भड़काया। उनका एक विवादित ऑडियो टेप सामने आया था, जिसमें वे आंदोलन को दूसरी जगह भी शुरू करने की बात कह रहे हैं। इस टेप के आधार पर भिवानी के रिटायर्ड कैप्टन पवन कुमार ने प्रोफेसर विरेंद्र सिंह और दलाल खाप के प्रवक्ता कैप्टन मानसिंह के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज कराया था।
सुदीप कलकल भी आज होंगे पेश
वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के मामले में अधिवक्ता सुदीप कलकल भी एसआईटी के रिमांड पर चल रहे हैं। उनका रिमांड भी सोमवार को पूरा होगा। जिसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा। एसआईटी कलकल की रिमांड अवधि बढ़ाने की मांग कर सकती है।