उधर, हत्या को आत्महत्या में दर्शाने से ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए अतरासी में पुलिस तैनात करनी पड़ी। बता दें केएसके एकेडमी गजरौला में 29 फरवरी को रजबपुर थाने के गांव लंबिया निवासी किसान महेंद्र सिंह के 18 वर्षीय पुत्र दीपेंद्र की लाश स्कूल में रखी मिली थी।
उसके हाथ, कमर और गर्दन पर चोट के निशान थे। स्कूल प्रबंधक ने परिजनों को छात्र के बीमार होने की सूचना दी और स्टाफ सहित फरार हो गए थे। मामले में महेंद्र सिंह ने प्रबंधक रिंकू उर्फ जगतार चाहल पुत्र नरेंद्र सिंह चाहल, प्रधानाचार्य और वार्डन के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट लिखी थी। पुलिस शुरू से ही वारदात को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश कर रही थी। लेकिन, परिजन और ग्रामीणों के आंदोलित के चलते गजरौला एसओ उपेंद्र यादव, क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर आरसी शर्मा के बाद प्रकरण की विवेचना इंस्पेक्टर महीपाल सिंह तरार को सौंपी गई थी।
पुलिस ने ग्रामीणों के दबाव में रविवार को सुबह सात बजे रिंकू चाहल को मंडी धनौरा से गिरफ्तार होना दिखाया। इसके बाद आनन-फानन में न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया। हत्या के आरोपी को आत्महत्या में जेल भेजने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। अतरासी में चल रहे धरना स्थल पर इसके बाद पुलिस बल तैनात कर दिया गया। ग्रामीणों के हाईवे पर जाम लगा देने की आशंका थी।
केएसके में छात्र दीपेंद्र ने आत्महत्या की है। जैसा कि पिता की तहरीर में ही लिखा है कि प्रबंधक उसे लगातार प्रताड़ित कर रहा था। परिजनों को दिलासा देने के लिए पुलिस ने तत्काल हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था। आरोपी प्रबंधक रिंकू को आत्महत्या को उकसाने की धारा में गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।
-महीपाल सिंह तरार, इंस्पेक्टर क्राइम ब्रांच (केस के विवेचक)