शहजादपुर के निकटवर्ती गांव सौंतली में शुक्रवार को तालाब में नहाते समय तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई। वहीं, मुलाना-झाडुमाजरा स्थित मारकंडा नदी में गुरूवार को डूबे दोस्त को शुक्रवार को तलाशने आया युवक डूब गया। 20 मिनट बाद उसे निकाल लिया गया, लेकिन अस्पताल में उसकी मौत हो गई। एक दिन पहले डूबे युवक की तलाश की जा रही है।
छुट्टी होने के चलते शुक्रवार को सौंतली गांव के हर्षप्रीत सिंह उर्फ राजू (14), सुखचैन (12) और गौरव (9) बारिश का लुत्फ उठाते हुए गांव के तालाब (जोहड़) में नहाने गए थे। तीनों के साथ दो अन्य बच्चे भी थे। राजू, सुखचैन और गौरव नहाते समय तालाब की गहराई में चले गए और डूब गए। उन्हें डूबता देख बाहर बैठे बच्चों ने शोर मचाया तो ग्रामीण मौके पर पहुंचे। बच्चों को तालाब से निकालकर ग्रामीण शहजादपुर सीएचसी लाए, जहां चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिए।
नदी में डूबे दोस्त को दूसरे दिन खोजने गया और डूब गया
जौली गांव के रहने वाले तीन दोस्त गौरव, मलकीत उर्फ लाली और अंकुश (20) बराड़ा से आते समय गर्मी से राहत पाने के लिए मुलाना-झाडुमाजरा मार्ग पर मारकंडा नदी पर बने पुल के पास नदी में नहाने लगे। इस दौरान अंकुश नदी की गहराई में चला गया और तेज बहाव की चपेट में आ गया। गौरव और लाली तैरना नहीं जानते थे इसलिए उन्होंने अंकुश को बचाने का प्रयास नहीं किया। कुछ दूर जाकर अंकुश डूब गया।
गौरव के अनुसार उन्होंने घबराहट के कारण इस बारे में किसी को नहीं बताया। शुक्रवार को गौरव और मलकीत ने अपने एक अन्य दोस्त साहिल (20) को अंकुश के डूबने की जानकारी दी। साहिल तैरना जानता था, इस कारण वह अंकुश को तलाशने के लिए नदी में कूद गया। लेकिन कुछ देर बाद वह भी डूब गया।
सूचना पर पहुंचीं गोताखोरों की दो टीमों ने मारकंडा नदी में सर्च अभियान चलाकर साहिल को घटनास्थल से एक किमी दूर 20 मिनट बाद खोज निकला। उस समय साहिल की सांसें चल रही थीं। उसे तुरंत एमएम अस्पताल मुलाना ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। वहीं, वीरवार को मारकंडा नदी में डूबे अंकुश की तलाश देर शाम तक जारी रही।