अस्पताल में दाखिल सुमित और सुखजिंदर ने कहा कि उनके परिवारों में केस चेल रहा है लेकिन पिछले कुछ दिन से आरोपी का उनके घर आना-जाना शुरू हो गया था। आरोपी ने अपने पिता हरिंदर की शह पर उन्हें झूठे प्यार के जाल में फंसाया और रिश्ता बढ़ाया। सुमित के अनुसार मंगलवार शाम को आरोपी उनके घर आया। बुधवार सुबह आरोपी ने दादी से चाय मांगी तो वह मां को न भेजकर खुद रसोई में गई। वहां उसने चाय बनाई और भतीजे के लिए दूध गर्म किया। थोड़ी देर बाद आरोपी ने किचन में आकर उसे गोलियां मारी।
इसके बाद उसने दादी पर गोलियां दागी। इसके बाद उसकी मां ने दरवाजा बंद कर लिया तो आरोपी ने दरवाजे पर भी गोलियां दागी और वहां से भाग गया। उनके अनुसार आरोपी ने करीब बारह गोलियां दागी। चार सुमित और दो सुखजिंदर को लगी। उन्होंने एंबुलेंस और 181 पर फोन किया। जब दस मिनट तक पुलिस न पहुंची तो उन्हें डर लगने लगा कि कहीं फिर से आरोपी उन पर हमला करने न आ जाए। इसलिए वह कार लेकर सम्मेवाली से पांच किलोमीटर दूर लक्खेवाली थाने पहुंची और पुलिस को अस्पताल सुरक्षा में पहुंचाने को कहा।
इसके बाद पुलिस एंबुलेंस से उन्हें सिविल अस्पताल दाखिल करवाने गई। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि आरोपी ने ये वारदात हरिंदर के कहने पर ही की है। अगर ऐसा न होता तो उन्हें अस्पताल में दाखिल हुए करीब तीस घंटे बीत चुके हैं, न हरिंदर पता लेने आया न उसकी पत्नी।
लक्खेवाली थाना पुलिस ने दोनों को सुरक्षा के साथ सिविल अस्पताल मुक्तसर में भर्ती करवाया। पिस्तौल बहुत पुराना होगा, वरना इतनी गोलियां लगने वाला कोई नहीं बचता। दोनों सम्मेवाली से लक्खेवाली थाने आईं। जहां से दोनों को दो मुलाजिमों की सुरक्षा में एंबुलेंस से सिविल अस्पताल ले जाया गया। आरोपी अभी फरार है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। केवल सिंह, एसएचओ