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मां को दो और बेटी को लगीं चार गोलियां, पुलिस को किया फोन नहीं आई तो कार चला थाने पहुंचीं

Thu, 16 Jan 2020 07:26 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, मुक्तसर (पंजाब)
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अस्पताल में भर्ती घायल मां और बेटी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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गांव सम्मेवाली में जमीन विवाद को लेकर अपनी ही बुआ और दादी पर फायरिंग कर घायल कर देने वाले नाबालिग ने करीब डेढ़ साल पहले भी अपने माता-पिता के साथ दोनों के साथ खूब मारपीट की थी। तब भी मामला थाने तक पहुंचा था और पंचायत ने दोनों पक्षों में राजनीमा करवा दिया था। इस बार आरोपी ने अपनी बुआ और दादी को प्यार के जाल में फंसाया और अपने पिता की पिस्तौल से दोनों पर जानलेवा हमला कर दिया।  

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जानकारी के अनुसार गांव सम्मेवाली निवासी सुमित कौर (40)  का अपने ससुरालियों के साथ विवाद चल रहा है और वह अपनी माता सुखजिंदर कौर (70) के पास ही रह रही है। दोनों पर बुधवार को सुमित के 17 साल के भतीजे ने पिस्तौल से गोलियां दाग दीं थी। मुक्तसर के कोटकपूरा रोड स्थित निजी अस्पताल में दाखिल सुमित कौर व सुखजिंदर कौर ने बताया कि उनकी गांव में करीब चालीस एकड़ जमीन है। 

इसमें छह एकड़ सुमित, दस एकड़ सुखजिंदर और बाकी 24 एकड़ सुखजिंदर के बेटे हरिंदर के नाम पर है। जमीन पर हरिंदर ही खेतीबाड़ी करता है और उनके हिस्से की 16 एकड़ जमीन का वह उन्हें ठेका देता है मगर पिछले लंबे समय से वह दोनों को उनके हिस्से के रुपये नहीं दे रहा था। उनका केस हाईकोर्ट में चल रहा है।

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खुद के लिए चाय और भतीजे के लिए गर्म किया था दूध

अस्पताल में दाखिल सुमित और सुखजिंदर ने कहा कि उनके परिवारों में केस चेल रहा है लेकिन पिछले कुछ दिन से आरोपी का उनके घर आना-जाना शुरू हो गया था। आरोपी ने अपने पिता हरिंदर की शह पर उन्हें झूठे प्यार के जाल में फंसाया और रिश्ता बढ़ाया। सुमित के अनुसार मंगलवार शाम को आरोपी उनके घर आया। बुधवार सुबह आरोपी ने दादी से चाय मांगी तो वह मां को न भेजकर खुद रसोई में गई। वहां उसने चाय बनाई और भतीजे के लिए दूध गर्म किया। थोड़ी देर बाद आरोपी ने किचन में आकर उसे गोलियां मारी। 

इसके बाद उसने दादी पर गोलियां दागी। इसके बाद उसकी मां ने दरवाजा बंद कर लिया तो आरोपी ने दरवाजे पर भी गोलियां दागी और वहां से भाग गया। उनके अनुसार आरोपी ने करीब बारह गोलियां दागी। चार सुमित और दो सुखजिंदर को लगी। उन्होंने एंबुलेंस और 181 पर फोन किया। जब दस मिनट तक पुलिस न पहुंची तो उन्हें डर लगने लगा कि कहीं फिर से आरोपी उन पर हमला करने न आ जाए। इसलिए वह कार लेकर सम्मेवाली से पांच किलोमीटर दूर लक्खेवाली थाने पहुंची और पुलिस को अस्पताल सुरक्षा में पहुंचाने को कहा।

इसके बाद पुलिस एंबुलेंस से उन्हें सिविल अस्पताल दाखिल करवाने गई। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि आरोपी ने ये वारदात हरिंदर के कहने पर ही की है। अगर ऐसा न होता तो उन्हें अस्पताल में दाखिल हुए करीब तीस घंटे बीत चुके हैं, न हरिंदर पता लेने आया न उसकी पत्नी। 
लक्खेवाली थाना पुलिस ने दोनों को सुरक्षा के साथ सिविल अस्पताल मुक्तसर में भर्ती करवाया। पिस्तौल बहुत पुराना होगा, वरना इतनी गोलियां लगने वाला कोई नहीं बचता। दोनों सम्मेवाली से लक्खेवाली थाने आईं। जहां से दोनों को दो मुलाजिमों की सुरक्षा में एंबुलेंस से सिविल अस्पताल ले जाया गया। आरोपी अभी फरार है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। केवल सिंह, एसएचओ 
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