जानकारी के अनुसार हरवंत सिंह के एक महिला के साथ संबंध थे। इसको लेकर उसका अपनी पत्नी दविंदर कौर के साथ अक्सर झगड़ा रहता था। इसमें हरवंत के दोनों बेटे और बेटी अपनी मां का साथ देते थे। 16 जून की रात इसी बात को लेकर हरवंत का अपनी पत्नी के साथ फिर झगड़ा हुआ। बच्चों ने मां का साथ दिया तो गुस्साए हरवंत ने तेजधार हथियारों से चारों की हत्या कर लाशें उसी रात नहर में फेंक दी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक हरवंत ने पहले अपने दोनों बेटों का कत्ल किया। फिर बेटी और पत्नी की हत्या कर लाशें नहर में फेंक दी। आरोपी ने लाशों से ईंट व पत्थर भी बांधे ताकि लाशें फूल कर पानी के ऊपर न आ जाएं। पुलिस सीमावर्ती गावं सहंसरा और जगदेव कलां गांव के साथ बहने वाली नहर में लाशों को ढूंढ रही थी।
शुक्रवार को पुलिस जब परिवार की तलाश कर रही थी तो नहर में एक लाश उतराती मिली। यह लाश हरवंत की पत्नी की थी। लाश को जब बाहर निकला गया तो उसके शरीर में चोटों के कई निशान दिखे। इसके बाद पुलिस ने दर्ज मामले में धारा 302 भी जोड़ दी। पुलिस के अनुसार 16-17 जून की रात तीन बजे हरवंत सिंह व उसके एक साथ कुलदीप सिंह ने जगदेव कलां के साथ बहती नहर में चारों लाशें फेंकी थी।
पुलिस हरवंत व उसके साथी की तलाश में छापेमारी कर रही है। हरवंत के घर से खून से लथपथ कुछ सामान मिला है। पुलिस ने नहर में पानी की सप्लाई रोकने के लिए सिंचाई विभाग की अनुमति ले ली है। पुलिस ने बताया कि हरवंत ने लाशों को ईंटों के साथ बांधा था। उसकी पत्नी की लाश के साथ ईंटें बंधी हुई थी।
वहीं ग्रामीणों के अनुसार हरवंत की बेटी सामाजिक विज्ञान की स्टूडेंट थी। एक बेटे ने वकालत पास की हुई थी। दूसरा बेटा आईलेट्स पास कर विदेश जाने के लिए तैयारी कर रहा था।