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चंडीगढ़ में धनास लेक के जंगल में जली हुई लाश मिलने से मचा हड़कंप, हत्या की आशंका

Thu, 27 Aug 2020 11:00 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
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जलती हुई लाख मिली - फोटो : अमर उजाला
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धनास लेक से डड्डूमाजरा जाने वाली सड़क के किनारे जंगल एरिया में वीरवार को एक युवक का अधजला शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस जब मौके पर पहुंची तो शव को जानवर नोचकर खा रहे थे और पेट फटा हुआ था। फिलहाल शव की पहचान नहीं हो सकी है। मृतक की उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच बताई जा रही है। सेक्टर-11 थाना पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 201 (सुबूत मिटाना) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने शव को जीएमएसएच-16 की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए रखवाया है।
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घटना वीरवार सुबह करीब 8.30 बजे की है। धनास लेक व जंगल के सुरक्षा गार्ड मुकेश कुमार ने पुलिस को सूचना दी कि धनास लेक से डड्डूमाजरा जाने वाली सड़क के किनारे जंगल एरिया में एक युवक का शव पड़ा है, जिसे जानवर नोच कर खा रहे है। सूचना पर पीसीआर इंस्पेक्टर रामदयाल समेत सेक्टर-24 चौकी इंचार्ज शिवचरण टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने जांच में पाया कि युवक का शव दो से तीन दिन पुराना है और कमर के ऊपर का हिस्सा पूरी तरह से जला हुआ है। इसके चलते शव की पहचान कर पाना काफी मुश्किल हो गया।

वहीं, पुलिस को दिए बयान में सुरक्षा गार्ड ने कहा कि वह जंगल में कूड़ा फेंकने पर जांच के लिए आया था। इस दौरान ज्यादा बदबू आने पर जब उसने देखा तो पता चला कि किसी इंसान के शव को कुछ जानवर नोचकर खा रहे हैं। इसके बाद उसने इस बात की सूचना अपने अधिकारियों को देने के साथ पुलिस को भी दी।  वहीं, मौके पर पहुंची सीएफएसएल की टीम ने भी घटनास्थल से फिंगरप्रिंट के नमूने जब्त किए। मुआयना पूरा होने पर करीब पांच घंटे बाद स्वास्थ्य विभाग टीम की मदद से शव को जीएमएसएच-16 की मोर्चरी में रखवाया गया। शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। 
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आसपास के थानों में लापता लोगों की खंगाली गई सूची

पुलिस की जांच में सामने आया कि युवक की उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच है। ऐसे में पुलिस ने आसपास के थानों में दर्ज इस उम्र के लापता युवकों की सूची खंगाली। इसके अलावा शव की पहचान करने के लिए आसपास के थानों में फोटो को भी सर्कुलेट किया गया है। हालांकि खबर लिखे जाने तक शव की शिनाख्त नहीं हो सकी थी।

इस रोड पर अक्सर होता है अपराध  
बता दें कि धनास लेक से डड्डूमाजरा जाने वाली सड़क पर अक्सर कोई न कोई वारदात होती रहती है। जुलाई महीने में सेक्टर-39 से घर जाने के लिए कार में निकले पिता और तीन साल की बेटी पर इनोवा कार सवार युवकों ने गोली चला दी थी। यह वारदात इसी रोड पर हुई थी। इस रोड पर अक्सर अंधेरा छाया रहता है, इसके चलते अपराधी आसानी से वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं।  

यह केस भी अब तक अनसुलझा है
बता दें कि 18 जनवरी 2019 को इंडस्ट्रियल एरिया स्थित कालोनी नंबर-4 के जंगल एरिया में मिट्टी में दबे शव को कुत्ते नोच रहे थे। शव के दोनों पैर और एक हाथ जमीन से बाहर निकले हुए थे जबकि धड़ और सिर जमीन के अंदर दबा था। घटना के करीब पौने दो साल बीतने के बाद भी यूटी पुलिस न तो शव की पहचान कर पाई और न ही आरोपियों का कोई सुराग लगा सकी। इस कारण यह केस अब तक अनसुलझा है।  

सुलगते सवाल
1- जंगल में सुरक्षा गार्ड की तैनाती है फिर भी दो दिनों तक किसी को शव के बारे में क्यों पता नहीं चला
2- इस रोड पर अक्सर अपराध होता है फिर भी पुलिस क्यों नहीं जागती
3- क्या किसी ने युवक की हत्या जंगल में की या फिर शव यहां फेंका गया  
4- जानवरों ने युवक का पेट फाड़ा या फिर कोई और कारण है
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